Home World Yemen: यमन में अगवा किए गए UN के पांच कर्मचारी 18 महीने बाद हुए रिहा, अल कायदा ने किया था किडनैप

Yemen: यमन में अगवा किए गए UN के पांच कर्मचारी 18 महीने बाद हुए रिहा, अल कायदा ने किया था किडनैप

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Yemen: यमन में अगवा किए गए UN के पांच कर्मचारी 18 महीने बाद हुए रिहा, अल कायदा ने किया था किडनैप

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Yemen News: संयुक्त राष्ट्र (संरा) ने शुक्रवार को कहा कि यमन में 18 महीने पहले अगवा किए गए उसके पांच कर्मचारियों को मुक्त कर दिया गया। इन्हें 11 फरवरी 2022 को दक्षिणी गवर्नरेट – अबयान में उस समय अगवा कर लिया गया था, जब वो एक मैदानी मिशन से वापिस लौट रहे थे. संरा के प्रवक्ता फरहान हक ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पांचों कर्मियों की सेहत दुरुस्त है। वॉइस ऑफ अमेरिका के मुताबिक इनका अपहरण अल कायदा की एक स्थानीय ब्रांच ने किया था.

संयक्त राष्ट्र के बचाव और सुरक्षा विभाग (UNDSS) के इन पांच कर्मियों के नाम हैं – अक्म सूफ़ियुल अनम, मैज़ेन बावज़िर, बकील अल महदी, मोहम्मद अल मुलाइकी और ख़ालेद मोख़्तार शेख़. बांग्लादेशी नागरिक अकम सुफीयुल अनम बुधवार को ढाका पहुंचे। अनम वहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह जीवित घर लौटेंगे.

यूएन प्रमुख ने जताई कर्मचारियों की रिहाई पर खुशी
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने शुक्रवार को जारी एक वक्तव्य में कहा है कि महासचिव इस घटनाक्रम पर अति प्रसन्न हैं कि इन कर्मचारियों के कष्ट ख़त्म हो गए हैं और उनके परिवारों व मित्रों की चिन्ता अब दूर हो गई है.

वक्तव्य के अनुसार, यूएन महासचिव ने दोहराते हुए कहा है कि इस तरह इंसानों का अपहरण किया जाना अमानवीय और एक बिल्कुल निराधार अपराध है. उन्होंने इनके ज़िम्मेदार तत्वों को न्याय के कटघरे में अवश्य खड़ा किए जाने की पुकार भी लगाई है.

गुतारेस ने, उन लोगों के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की है जिन्हें यमन में अब भी उनकी इच्छा के विरुद्ध कहीं बंदी बनाकर रखा गया है.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने उन वार्ताओं पर टिप्पणी नहीं की जिनके कारण इन पांचों की रिहाई संभव हुई लेकिन सहायता के लिए ओमान सरकार को धन्यवाद दिया.

‘चारों यमनवासी हैं सुरक्षित’
यमन में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट और मानवतावादी समन्वयक डेविड ग्रेस्ली ने कहा कि मुक्त कराए गए चारों यमनवासी सुरक्षित हैं और अच्छे स्वास्थ्य में हैं. ग्रेसली ने कहा, ‘मुझे रास्ते में उनसे बात करने का मौका मिला. मैं न केवल उनके अच्छे उत्साह से बल्कि असाधारण परिस्थितियों में भी उन्होंने जो ताकत दिखाई है, उससे बहुत प्रभावित हुआ.’

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