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MP Election 2023
– फोटो : Amar Ujala
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मध्य प्रदेश के सागर दौरे पर पहुंचे। पीएम यहां संत शिरोमणि गुरुदेव रविदास स्मारक स्थल पर भूमि पूजन करने के अलावा 4000 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क क्षेत्र की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। आगामी चुनाव विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम का यह दौरा अहम माना जा रहा है। भाजपा इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश की 54 सीटों पर साधने की कोशिश कर रही है। इनमें 35 से सीटें अनुसूचित जाति बाकि 19 सीट सामान्य है। लेकिन इस सीटों पर दलित वोटर निर्णायक भूमिका में हैं। एमपी में करीब 16 प्रतिशत से दलित वोटर हैं।
भाजपा के लिए मध्य प्रदेश की अहमियत इसी बात से लगाई जा सकती है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर अन्य केंद्रीय मंत्री लगातार प्रदेश के दौरे पर पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी का पिछले पांच महीने में प्रदेश में यह 5 वां कार्यक्रम है। राज्य 18 साल से सत्ता पर भाजपा काबिज है। लगातार चार बार से शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री है। हालांकि 2018 के चुनाव में भाजपा चुनाव से बाहर हो गई थी। लेकिन, 15 महीने बाद यानी मार्च 2020 में सत्ता का उलटफेर हुआ और बीजेपी की तरफ से शिवराज सिंह फिर सीएम बन गए। भाजपा के सत्ता के बाहर होने के पीछे दलित और आदिवासी वोटर था। जैसे ही इन समुदाय का झुकाव कांग्रेस की तरफ हुआ। भाजपा सत्ता से बाहर हो गई है। ऐसे में अब भाजपा इन समुदाय को फिर से साधने में जुटी है। इसलिए इस कार्यक्रम में पीएम मोदी पहुंच रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में एससी सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला था। भाजपा को 18 जबकि कांग्रेस को 17 सीटों पर जीत मिली थी। लेकिन 2013 के चुनाव की तुलना में कांग्रेस के हाथ 13 सीटें ज्यादा आई थीं। भाजपा को 10 सीटों का नुकसान हुआ था। इसी वजह से 2018 में कांग्रेस की सरकार बन गई। भाजपा को 2020 में एक और झटका डबरा सीट पर लगा। यहां की सिंधिया समर्थक विधायक इमरती देवी को पार्टी में शामिल करते हुए ने उपचुनाव में उतारा था, पर दलित वोटरों ने इमरती की बजाय कांग्रेस प्रत्याशी का साथ दिया।
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