Home Sports Exclusive: वॉ ब्रदर्स को डराने वाले पेसर ने क्यों कहा- विराट खास, पर बुमराह जैसा गेंदबाज नहीं देखा…

Exclusive: वॉ ब्रदर्स को डराने वाले पेसर ने क्यों कहा- विराट खास, पर बुमराह जैसा गेंदबाज नहीं देखा…

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Exclusive: वॉ ब्रदर्स को डराने वाले पेसर ने क्यों कहा- विराट खास, पर बुमराह जैसा गेंदबाज नहीं देखा…

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बारबाडोस. तूफानी गेंदबाजी से डराने वाले गेंदबाजों की लिस्ट जब भी बनती है तो वेस्टइंडीज के कर्टली एंब्रोस का नाम जरूर होता है. सचिन तेंदुलकर से लेकर स्टीव वॉ जैसे दिग्गजों को परेशान करने वाले इस कैरेबियाई क्रिकेटर के नाम 405 टेस्ट विकेट हैं. 1990 के दशक में कर्टली एंब्रोस और कर्टनी वॉल्श की जोड़ी दुनिया की सबसे खतरनाक पेस अटैक था. कर्टली एंब्रोस कितने खतरनाक गेंदबाज थे, इसका अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पसंदीदा शिकार में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन, ऑस्ट्रेलिया के मार्क वॉ, स्टीव वॉ शामिल रहे. न्यूज18 हिंदी के लिए विमल कुमार ने सर कर्टली एंब्रोस से खास बातचीत की. बातचीत के मुख्य अंश:

  • हम भारतीयों के जेहन में जश्न मनाने का आपका खास अंदाज आज भी ताजा है. हम जब भी याद करते हैं तो सबसे पहले जश्न की वो तस्वीर सामने आती है। उसके बारे में आप कुछ कहना चाहेंगे ?

  • वो तो बस अचानक हो जाता था. विकेट लेने के बाद का एक भाव था. बहुत सारे लोग उसे पसंद करते थे. लेकिन वो तो बस निकल जाता था.

  • आपने काफी समय पहले संन्यास लिया. एक समय था जब सभी जानते थे कि कर्टली किसी से बात नहीं करते और अब आप काफी मुखर हैं.

  • ये सही नहीं है. मैं ऐसा कई सालों से सुनते आया हूं. ये एकतरफा आरोप था जो कि सही नहीं है. बात ये है कि जब मैं खेलता था तो रिपोर्टर्स से बात करने को लेकर इतना उत्सुक नहीं था. इसकी वजह ये है कि मैंने अपने अनुभव से ये समझा कि रिपोर्टर्स किसी भी कहानी को जैसा कही जाती है ठीक वैसा नहीं छापते. बल्कि वो अपने हिसाब से मोड़ देते हैं. इसलिए मैं जितना हो सकता था इंटरव्यू देने से बचता रहा. इसके बाद ये बात फैला दी गई कि मैं बात ही नहीं करता हूं. ये सही नहीं है. मैंने ये कभी नहीं कहा.

  • जब हम वेस्टइंडीज क्रिकेट की बात करते हैं तो कर्टली एंब्रोस, कर्टनी वॉल्श उससे पहले गार्नर, होल्डिंग, रॉबर्ट्स, मार्शल की चौकड़ी का नाम सामने आता है. दुर्भाग्य से वो वेस्टइंडीज टीम की आखिरी विरासत साबित हुई. उसके बाद ऐसा दौर नहीं आया. आप इसे कैस देखते हैं?

  • ये बेहद निराशाजनक है कि तेज गेंदबाजों की चर्चा अब कम हो गई है. हमारे पास अभी भी तेज गेंदबाज हैं. लेकिन आप जानते हैं कि क्रिकेट की दुनिया में वेस्टइंडीज को कैसी मदद मिल रही है. कई तेज गेंदबाज आ रहे हैं. उनमें से कुछ बेहद अच्छे हैं. इस दौर के तेज गेंदबाजों की तुलना हमारे दौर के गेंदबाजों से करने की कोशिश सही नहीं है. हमें उभरते तेज गेंदबाजों के लिए जाना जाता है और अभी भी कई गेंदबाज हमारे पास हैं. मुझे यकीन है कि आने वाले समय में एकबार फिर से तेज गेंदबाजों की नई पौध नजर आएगी.

  • हमने आपके कुछ बेहद शानदार मुकाबले देखे हैं. सामने चाहे सचिन तेंदुलकर हों या स्टीव वॉ. संन्यास लेने के बाद जब आप पीछे मुड़कर अपने तीन सबसे यादगार मैच और उसके तीन सबसे मजबूत विरोधी बल्लेबाज के बारे में सोचते हैं तो जेहन में कौन- कौन से नाम आते हैं.

  • मुझे अपने दौर के कई महान बल्लेबाजों के सामने खेलने का मौका मिला है. जहां तक सबसे चुनौतीपूर्ण मैच का सवाल है तो विपक्षी जितना मजबूत होगा चुनौती भी ही उतनी तगड़ी होगी. मैं हर बार अपना बेहतरीन देने की कोशिश करता था. अक्सर मैं शीर्ष पर होता था. लेकिन अगर मैं दूसरे नंबर पर आता था तो भी चुनौती का मजा उतना ही रहता.

  • आप मैदान पर इतने आक्रामक थे कि अक्सर खिलाड़ी डर जाते थे. लेकिन मैदान के बाहर बेहद सौम्य और विनम्र. ये कैसा विरोधाभास है ? आप ऐसा कैसे कर लेते हैं?

  • हर व्यक्ति के दो पहलू होते हैं. मैं भी इससे अलग नहीं हूं. जब मैं मैदान में होता हूं तो हमेशा बेहद आक्रामक होता हूं. मैं हमेशा जीतना चाहता हूं. इसमें कोई निजी मसला नहीं है. अगर आपके खिलाफ उतरा हूं तो चेहरे पर वो भाव आ जाते हैं. लेकिन मैदान से बाहर मैं अलग हूं. मैं मैदान की बात मैदान तक ही सीमित रखता हूं. जब मैदान के बाहर हूं तो फिर क्रिकेटर नहीं बल्कि एक साधारण कर्टली एंब्रोस हूं. कर्टली एंब्रोस के दो पहलू हैं. एक क्रिकेटर कर्टली एंब्रोस और दूसरा एक शांत स्वभाव का शख्स. अब लोग मुझे मेरे मैदान वाले रूप को देखकर ही अपनी धारणा बना लेते हैं. लेकिन वो मेरा सामान्य स्वभाव नहीं है. मुकाबले में उतरना और बाहर आराम करना दो अलग- अलग चीजें हैं.

  • आप आज के भारतीय क्रिकेटर्स को करीब से देख रहे हैं. वर्तमान टीम में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल जैसे युवा हैं. साथ ही रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स भी हैं. बहुत सारे लोग नहीं चाहेंगे कि कर्टली एंब्रोस जैसे गेंदबाज का सामना कभी करना पड़े. आपको अगर किसी एक या दो बल्लेबाज के खिलाफ गेंदबाजी करनी हो और आपको लगता हो कि इनके खिलाफ गेंदबाजी ज्यादा बेहतर की जा सकती है तो वो कौन होंगे?

  • काफी लोग मेरे से ये सवाल पूछते रहते हैं, और उनको मेरा यहीं जवाब होता है कि कुछ महीने में मैं 60 साल का हो जाऊंगा.

  • मुझे लगता है कि आप अभी भी कुछ बेहतरीन स्पेल डाल सकते हैं और काफी फिट भी हैं.

  • मैं तो अब इसके बारे में सोचना भी नहीं चाहता. मेरा समय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पूरा हो चुका है. काफी महान खिलाड़ियों के साथ खेला. मेरा वक्त अब बीत गया और अब इसके बारे में सोचने की भी कोशिश नहीं करूंगा कि वर्तमान दौर के क्रिकेटर्स के खिलाफ मैं क्या करता. क्योंकि समय बदल गया है. क्रिकेट बदल गया है. मुझे जितना खेलना था खेल चुका हूं.

  • यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल जैसी प्रतिभा के बारे में आपकी क्या राय है?

  • शुभमन गिल तो अपने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में संघर्ष करते नजर आए. कोई खास रन नहीं बनाए. लेकिन हम सभी जानते हैं कि वो बेहतरीन खिलाड़ी हैं. सिराज को ही ले लो, चूकि मैं तेज गेंदबाजी की ज्यादा बात करता हूं तो मुझे लगता है कि वो शानदार गेंदबाज हैं. वो तेज गेंदबाजी को समझते हैं. गेंद के साथ प्रयोग करते हैं. वो इतना तेज तो नहीं लगते लेकिन रफ्तार पकड़ सकते हैं. पिछले दो टेस्ट मैच की सीरीज में अपने प्रदर्शन से उन्होंने प्रभावित किया है. शमी और बुमराह की गैरहाजिरी में वो आगे बढ़कर मोर्चा संभाल रहे हैं. बुमराह भी मुझे लगता है कि एक शानदार गेंदबाज हैं. बुमराह की तरह का दूसरा गेंदबाज मैंने नहीं देखा. बेहद अलग स्टाइल के साथ ही दमदार गेंदबाजी करते हैं. मैं तो उनको यहां कैरीबियाई जमीन पर गेंदबाजी करते देखना चाहता था. लेकिन दुर्भाग्य से नहीं देख पाया.

  • बुमराह के लिए आपने इतनी तारीफ की. मुझे यकीन है कि बुमराह जब इंटरव्यू सुनेंगे तो बेहद खुश होंगे. आप जैसे दिग्गज से तारीफ सुनना बड़ी बात है. जब आप बुमराह के लिए बताते हैं कि वो अलग है तो उनका यहीं अलग अंदाज उनके लिए मुसीबत भी बन गया है. इस एक्शन की वजह से फ्रैक्चर हो जा रहा है. एक्शन और पीठ दर्द और बाकी कई सारी परेशानियां.

  • मैं चोट को लेकर यकीन से तो नहीं कह सकता. लेकिन तेज गेंदबाजी में लय की जरूरत होती है. आपको एक लय बनानी पड़ती है. उनका रन अप बेहद छोटा है. थोड़ा सा टहलने और फिर कुछ तेज कदम भरने के बाद वो गेंद फेंक देते हैं. हो सकता है कि इस वजह से वो अपने शरीर पर ज्यादा दबाव डाल देने से चोटिल हो जाते हों. लेकिन ये भी है कि अगर आप लंबा रनअप लेंगे तो भी तेज गेंदबाजी जैसे कठिन काम में आप चोटिल हो सकते हैं. हो सकता है कि छोटे कदमों की वजह से उनके शरीर पर ज्यादा दबाव पड़ना एक वजह हो. पर मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता. वो काफी प्रभावी रहे हैं. हो सकता है कि यहीं एक्शन उनके काम भी आया हो. सबकुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने सहज हैं. चोट से आप नहीं बच सकते. वो जल्द ठीक होकर भारतीय टीम में वापस खेलते नजर आ सकते हैं.

  • आपने शमी का भी नाम लिया. काफी लोगों को लगता है कि शमी चतुर गेंदबाज हैं. आप शमी को कैसे देखते हैं?

  • मैंने अनुभव किया है कि हर गेंद अलग होती है. बिल्कुल एक जैसा दो गेंदबाज कभी नहीं हो सकता है. समानताएं हो सकती हैं लेकिन एक जैसे तो नहीं हो सकते. यहीं वजह है कि जब मैं कोचिंग देता हूं तो मैं किसी गेंदबाज को अपने जैसा या किसी भी दूसरे गेंदबाज की तरह बनाने की कोशिश नहीं करता. आप जो कर रहे हैं उसमें और सुधार करने की कोशिश करिए. उससे बेहतरीन निकालने की कोशिश करिए. क्योंकि दो खिलाड़ी एकदम एक जैसे नहीं हो सकते. हम सभी अलग हैं लेकिन सबसे अहम चीज ये है कि आप कितने असरदार हैं और अपनी टीम के लिए क्या नतीजा ला सकते हैं. यहीं पूरा खेल है. कई बार क्रिकेट एक्सपर्ट कहते हैं कि आपको अब फैसला लेना है या आपको उसकी तरह करना है. लेकिन मैं ऐसी चीजों पर बात भी नहीं करता. क्योंकि मेरा मानना है कि सभी अलग हैं और मेरे लिए नतीजा इस बात पर निर्भर करता है कि कौन कितना तेज और असरदार है. आप कैसा दिखते हैं इससे कोई मतलब नहीं है. नतीजा क्या आया वहीं मायने रखता है.

  • पूरा भारत आपसे जानना चाहता है. जाहिर है आपने गेंदबाजों के बारे में वो सारी चीजें बताई जो लोग जानना चाहते हैं. आपने विराट कोहली और रोहित शर्मा को देखा है. ये दोनों कितने अलग हैं? आधुनिक क्रिकेट के इन दो महान बल्लेबाजों के बारे में आपका क्या आकलन है?

  • दोनों बेहद अलग हैं. कप्तान रोहित शर्मा बेहद शानदार खिलाड़ी हैं. विकेट के चारों तरफ शॉट लगाते हैं. जब चाहें आक्रामक हो सकते हैं. विराट कोहली थोड़े अलग हैं. उनको खेलते देखना बेहद सुकून देता है. वो बिना आक्रामक हुए तेजी से रन बटोर सकते हैं. वो छक्के पर छक्के लगाने वाले नहीं हैं, जैसा कि कहा जाता है. ऐसा भी नहीं है कि वो लगा नहीं सकते. वो किसी भी सिक्स हिटर के बराबर तेजी से रन बना सकते हैं. उनको देखना बेहद शानदार अनुभव है. मैं उनका सम्मान करता हूं और सालों से उनका प्रशंसक भी हूं. उनको कुछ सालों से विदेशी जमीन पर शतक जड़ते देखकर खुशी होती है. दुर्भाग्य से शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ था लेकिन उनके प्रदर्शन से मैं काफी खुश था. उनके पास भारतीय क्रिकेट को देने के लिए अभी बहुत कुछ है.

  • अब आपसे जुड़ा एक निजी सवाल. आपका इंटरव्यू भारतीय मीडिया में आने के बाद लोग काफी हैरान होंगे. तेज गेंदबाजी में सर कर्टली एंब्रोस का जो नाम है, उनके पास खेल की बारीकियों की जो समझ है, उसका कोई जोड़ नहीं. ऐसे में लोग जानना चाहेंगे कि आप क्रिकेट के इस अपार अनुभव को IPL के जरिए साझा क्यों नहीं करना चाहते. क्या किसी IPL टीम ने आपसे कोचिंग को लेकर कभी बात की? क्या आप टीम से या कमेंटेटर के रूप में IPL से जुड़ना चाहेंगे? अभी आप बस कैरेबियाई मैदान तक ही सीमित हैं, तो क्या आप भारत आते जाते रहना पसंद करेंगे? कॉर्पोरेट के काफी लोग भी आपका इंटरव्यू देखेंगे तो वो आपसे कैसे मिलेंगे और क्या मैं आपका नंबर उनको दे सकता हूं?

  • मुझसे कभी किसी ने संपर्क नहीं किया. मैं ये नहीं कहूंगा कि इससे कोई हैरानी हुई क्योंकि हर फ्रेंचाइजी के पास उनके अपने लोग हैं. मुझसे किसी ने IPL में कोचिंग देने के लिए कभी संपर्क नहीं किया. मैं तो बस क्रिकेट ही जानता हूं. मुझे लगता है कि इस खेल की एक दो चीजें पता है. अभी मैं कोचिंग और कमेंट्री ही करता हूं. ऐसे में बात मौका मिलने की है. मेरे पास अभी समय है, मैं कर सकता हूं. कोचिंग और कमेंट्री में मुझे मजा भी आता है.

  • बहुत बहुत धन्यवाद कर्टली एंब्रोस. इतनी जल्दबाजी में आपने समय दिया. मुझे खुशी होती अगर मैं आपसे और भी बातें कर पाता. आपने बेहद कीमती समय मुझे दिया और उम्मीद है कि बाद में फिर कभी लंबी बातें करेंगे. समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

  • खुशी हुई आपसे मिलकर. आपका भी धन्यवाद.

    Tags: India vs west indies, Jasprit Bumrah, West indies

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