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वहीं इसके पहले अंतरिक्ष पर पहुंचकर कई महिलाओं ने महिला शक्ति का अद्भुत पूर्व उदाहरण पेश किया। दुनियाभर में कई ऐसी महिला यात्री हैं, जो अंतरिक्ष पर व चांद पर पहुंची और देश-दुनिया में अपना नाम बनाया। 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 634 अंतरिक्ष यात्रियों में से 72 महिलाएं हैं। ये 72 महिलाएं अंतरिक्ष में उड़ान भर चुकी हैं। इसमें से 56 अमेरिका की और अन्य फ्रांस, इटली, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, यूके, कनाडा और चीन की हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही महिला अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में जो विश्व प्रसिद्ध हो गईं।
अंतरिक्ष पर जाने वाली पहली महिला वेलेंटीना टेरेशकोवा थीं। महज 26 साल की कम उम्र में 16 जून 1962 को उन्होंने पहली बार अंतरिक्ष की उड़ान भरी। तीन दिन के मिशन को पूरा करते हुए वह इतिहास में पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बन गईं। उन्होंने 48 बार पृथ्वी की परिक्रमा की, जिसका प्रसारण यूरोप और सोवियत संघ में हुआ।
करीब 20 साल बाद दूसरी महिला ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। नासा ने जनवरी 1978 में 35 नये अंतरिक्ष यात्रियों की घोषणा की, जिसमें से 6 महिलाएं थीं। सोवियत संघ ने 1980 में नो महिला एस्ट्रोनॉट का चयन किया। इसमें से एक स्वेतलाना सवित्सकाया थीं।1982 में स्वेतलाना अंतरिक्ष की उड़ान भरी। दो साल बाद 25 जुलाई 1984 को रूस की स्वेतलाना सवित्सकाया ने पहली बार स्पेसवॉक की थी। ऐसा करने वाली वह पहली महिला बनीं।
कल्पना चावला पहली भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री थीं । 1962 में करनाल में जन्मी कल्पना इंजीनियरिंग डिग्री लेने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका चली गईं। यहां दो मास्टर्स डिग्री प्राप्त की और वैमानिकी इंजीनियरिंग में पीएचडी किया। फिर नासा में शोधकर्ता के रूप में शामिल हो गईं। पहली बार 1998 में कल्पना ने अंतरिक्ष की पहली उड़ान भरी। अपनी अंतरिक्ष यात्रा में उन्होंने 372 घंटे बिताकर इतिहास रच दिया।
नासा की अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन ने कुल 10 बार स्पेसवॉक किया है। वह सबसे ज्यादा बार स्पेसवॉक करने वाली महिला हैं। करीब 666 दिन अंतरिक्ष पर गुजारते हुए पेगी मे 60 घंटे से ज्यादा अंतरिक्ष में चहलकदमी की। पेगी का नाम इतिहास की सबसे अनुभवी महिला अंतरिक्ष यात्री में शामिल है। इतना ही नहीं वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की पहली महिला कमांडर भी थीं।
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