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अगले महीने दिल्ली में होने वाले ‘जी20’ शिखर सम्मेलन के दौरान सबसे ज्यादा सुरक्षा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की रहेगी। बाइडन की सुरक्षा में ‘अमेरिकी सीक्रेट सर्विस’ के लगभग तीन सौ कमांडो तैनात रहेंगे। दिल्ली की सड़कों पर सबसे बड़ा कारकेड (काफिला) भी अमेरिकी राष्ट्रपति का होगा। उनके कारकेड में लगभग 55 से 60 वाहन होंगे। इन्हीं वाहनों में एक वाहन ऐसा भी रहेगा, जो बहुत खास होगा। उसमें एक फुटबॉल नुमा उपकरण लगा होगा। साथ ही एक वाहन में डॉक्टर अपने साथ ब्लड के कुछ पैकेट लेकर बैठेंगे। इन दोनों का सीधा संबंध राष्ट्रपति जो बाइडेन से है।
क्या है ‘फुटबॉल’ का राज?
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ लगभग चार सौ लोगों की टीम दिल्ली पहुंचेगी। बाइडेन को आईटीसी मौर्य होटल की 14वीं मंजिल पर स्थित प्रेजिडेंशियल सुइट में ठहराया जाएगा। इस होटल के करीब 400 कमरे बुक कराए गए हैं। जिस वाहन में राष्ट्रपति बाइडन सवार होंगे, उसे अमेरिका से दिल्ली लाया जाएगा। इस वाहन के बारे में कहा जाता है कि उस पर भारी हथियारों का कोई असर नहीं होता। हैंड ग्रेनेड, आईईडी या हल्का मिसाइल अटैक भी बेअसर रहता है। केमिकल अटैक और न्यूक्लियर अटैक से भी वह गाड़ी सुरक्षित रहती है। राष्ट्रपति की गाड़ी के टायर भी बुलेटप्रूफ होते हैं।
कारकेड में इस तरह की कम से कम तीन गाड़ियां रहती हैं। जिस गाड़ी में राष्ट्रपति बाइडन बैठेंगे, उसमें एक फुटबॉल नुमा उपकरण लगा होता है। दरअसल, यह एक ऐसा स्विच होता है, जिसका इस्तेमाल केवल राष्ट्रपति कर सकते हैं। इसे राष्ट्रपति का न्यूक्लियर स्विच भी कहते हैं। अगर उनकी गैर मौजूदगी में अमेरिका में कुछ ऐसा होता है कि उस अवस्था में न्यूक्लियर पावर का इस्तेमाल करना जरुरी हो तो वे दुनिया के किसी भी हिस्से से ऐसा कर सकते हैं। उनकी गाड़ी में लगा सेटेलाइट फोन का लिंक सीधे अमेरिकी रक्षा विभाग यानी ‘पेंटागन’ हेडक्वार्टर से रहता है। वे उप राष्ट्रपति से बात कर सकते हैं।
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