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Congress MP Manish Tewari
– फोटो : एएनआई
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चीन ने हाल ही में अपने मानक मानिचत्र का नया संस्करण जारी किया। इसमें उसने भारत के अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चीन, ताइवान और दक्षिण चीन सागर को अपने क्षेत्र में दिखाया है। इसी मानचित्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि चीन के दावे बेतुके हैं और यह चीन-भारत सीमा विवाद के इतिहास से प्रमाणित है।
एलएसी का उल्लंघन
मनीष तिवारी ने कहा कि चीन के दावे मुर्खतापूर्ण हैं। आज, भारत और चीन के बीच असली मुद्दा यह है कि चीन ने कई बिंदुओं पर एलएसी का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में सरकार को गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या दिल्ली में उस व्यक्ति (चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग) का स्वागत करना भारत के स्वाभिमान के अनुरूप होगा, जिसने सीमा के पास दो हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है।
कब्जाए क्षेत्रों को खाली कराने की जरूरत
उन्होंने कहा कि पहले कब्जाए क्षेत्रों को खाली कराने की जरूरत है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर संक्षेप में कहूं तो चीनी मानचित्र बेतुके हैं। ये भारत-चीन सीमा विवाद के इतिहास से मेल नहीं खाते हैं, चीन का अरुणाचल प्रदेश पर कोई दावा नहीं है।
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