Home Breaking News CWC: कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना फतह में जुटी कांग्रेस, हैदराबाद में खरगे ने BJP पर चला यह ‘बगलडूब’ दांव

CWC: कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना फतह में जुटी कांग्रेस, हैदराबाद में खरगे ने BJP पर चला यह ‘बगलडूब’ दांव

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CWC: कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना फतह में जुटी कांग्रेस, हैदराबाद में खरगे ने BJP पर चला यह ‘बगलडूब’ दांव

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CWC: After Karnataka, Congress focusing Telangana, mallikarjun Kharge slams modi govt

CWC Meeting
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार


तेलंगाना के हैदराबाद में हो रही कांग्रेस कार्य समिति ‘सीडब्ल्यूसी’ की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने शुरुआती संबोधन में भाजपा पर ‘बगलडूब’ दांव चल दिया है। अपने इस दांव के जरिए खरगे ने भाजपा को बता दिया है कि दक्षिण भारत में कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना फतह करने के लिए कांग्रेस पार्टी जुट गई है। ओपनिंग रिमार्क्स में मल्लिकार्जुन खरगे ने सीधे तौर पर मोदी सरकार पर हमला बोलने की बजाए, ‘बगलडूब’ दांव की मदद ली। यह भारतीय कुश्ती का एक प्रसिद्ध दांव है। इस दांव में एक पहलवान, सामने वाले पहलवान की बगल से निकल जाता है। यानी उसकी पकड़ से बाहर निकलकर वह उसे परास्त कर देता है। कई बार यह दांव, किसी दूसरे दांव को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। खरगे ने भी कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में वही किया है। उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ ऐसा कोई मुद्दा नहीं छोड़ा, जिस पर वे बोले न हों। सीधे तौर से उन्होंने पीएम मोदी पर कटाक्ष नहीं किया, मगर अप्रत्यक्ष तौर से कोई कमी भी नहीं छोड़ी।

17 सितंबर 1948 को हैदराबाद को मुक्ति मिली थी

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी शुरुआती टिप्पणियों में जो कुछ कहा, उसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़ीं अनेक बातें कवर हो गईं। खरगे ने ‘हैदराबाद की मुक्ति’ से बात शुरू कर उसे ‘सोनिया गांधी के त्याग’ से गुजारते हुए किसान, युवा बेरोजगार, महंगाई, जवान, ईडी, सीबीआई, विपक्ष, गरीब, अमीर, भारत जोड़ो यात्रा और जी20 का जिक्र करते हुए समाप्त किया। तेलंगाना में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस, भाजपा और सत्तारूढ़ बीआरएस के बीच त्रिकोणीय चुनावी मुकाबला होने के आसार हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया है। ऐसी संभावना है कि राज्य में नवंबर-दिसंबर में चुनाव हो सकते हैं। पिछले माह ही कांग्रेस कार्य समिति का गठन हुआ था। उसकी बैठक हैदराबाद में हो रही है। 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद को मुक्ति मिली थी। देश की आजादी के 13 महीने के बाद ये इलाका आजाद हुआ। बतौर खरगे, इसलिए रविवार को सीडब्ल्यूसी बैठक के अलावा एक जनसभा भी रखी गई है। इससे पहले हैदराबाद में 1953, 1968 और 2006 में एतिहासिक कांग्रेस महाधिवेशन हुए हैं।

सोनिया का त्याग, कांग्रेस के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, इस बैठक में देश के हर हिस्से के नेताओं की मौजूदगी है। उदयपुर संकल्प के तहत कांग्रेस ने सीडब्ल्यूसी में कमजोर तबकों, नौजवानों और महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व दिया है। 25 वर्षों से अधिक समय तक कांग्रेस को नेतृत्व देने वाली सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी के बारे में खरगे ने कहा, उन्होंने 1998 में कठिन दौर में कांग्रेस को संभाला था। उनका कमिटमेंट, त्याग और सोच, कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। बतौर खरगे, हम उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि जल्दी ही दूसरे राज्यों के साथ तेलंगाना में भी हमारी सरकार बनेगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकली गई 4,000 किलोमीटर लंबी एतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा में गरीब, वंचित, महिला, युवा, किसान, बुद्धिजीवी, फौजी और सभी वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। राहुल ने लोगों के बीच भाईचारे का संदेश दिया। पार्टी को नयी ऊर्जा मिली। सीडब्ल्यूसी में खरगे ने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सराहना की। इन दोनों राज्यों में विरोधी ताकतों का मुकाबला करते हुए कांग्रेस ने सरकार बनाई है। कांग्रेस ने आम जनता के हक में आवाज उठाकर, मोदी सरकार को कई महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए मजबूर भी किया।






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