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01:06 PM, 21-Sep-2023
सीएम ने आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया
ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत पर स्थापित आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा का सीएम शिवराज सिंह चौहान ने करीब पांच हजार साधु संतों की मौजूदगी में भव्य अनावरण किया और अद्वैत धाम का आधार शिला रखी। एकात्मकता का प्रतीक इस प्रतिमा को स्टैच्यू ऑफ वननेस का नाम दिया गया है। प्रतिमा में आदि शंकराचार्य जी बाल रूप में नजर आ रहे हैं। प्रतिमा का अनावरण करने के बाद सीएम शिवराज ने इसकी संतों के साथ परिक्रमा भी की।
11:39 AM, 21-Sep-2023

21 कुंडिए हवन में शामिल सीएम
– फोटो : अमर उजाला
किया जा रहा 21 कुंडिए हवन
आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति के अनावरण से पहले मान्धाता पर्वत पर उत्तरकाशी के स्वामी ब्रहोन्द्रानन्द तथा 32 संन्यासियों द्वारा प्रस्थानत्रय भाष्य पारायण और दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदापीठ के मार्गदर्शन में देश के लगभग 300 विख्यात वैदिक आर्चकों द्वारा वैदिक रीति पूजन तथा 21 कुंडीय हवन किया जा रहा है। एकात्मता की मूर्ति का अनावरण और अद्वैत लोक का भूमि एवं शिला पूजन दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदापीठ के मार्गदर्शन में होगा।
11:19 AM, 21-Sep-2023

एकात्मता का प्रतीक इस प्रतिमा को स्टैच्यू ऑफ वननेस का नाम दिया गया है।
– फोटो : अमर उजाला
स्टैच्यू ऑफ वननेस
ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत पर स्थापित आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा का सीएम शिवराज करेंगे अनावरण। एकात्मकता का प्रतीक इस प्रतिमा को स्टैच्यू ऑफ वननेस का नाम दिया गया है। आदि शंकराचार्य जी की प्रतिमा में 12 साल के आदिगुरु शंकराचार्य की झलक नजर आ रही है।
10:41 AM, 21-Sep-2023

प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे सीएम
– फोटो : अमर उजाला
जानिए क्यों बनाई गई है 12 वर्षीय बाल आचार्य शंकर की मूर्ति
ओंकारेश्वर आदिगुरु शंकराचार्य की ज्ञान भूमि और गुरु भूमि है। यहीं उनको अपने गुरु गोविंद भगवत्पाद मिले और यहीं चार वर्ष रहकर उन्होंने विद्या अध्ययन किया। 12 वर्ष की आयु में ओंकारेश्वर से ही अखंड भारत में वेदांत के लोकव्यापीकरण के लिए उन्होंने प्रस्थान किया। इसलिए ओम्कारेश्वर के मान्धाता पर्वत पर 12 वर्ष के आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। इस प्रतिमा का निर्माण एलएनटी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यह मूर्ति सोलापुर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मूर्तिकार भगवान रामपुरा द्वारा उकेरी गई है। मूर्ति हेतु बाल शंकर का चित्र मुंबई के विख्यात चित्रकार श्री वासुदेव कामत द्वारा 2018 में बनाया गया था। मूर्ति निर्माण के लिए वर्ष 2017-18 में संपूर्ण मध्यप्रदेश में एकात्म यात्रा भी निकाली गई थी, जिसके माध्यम से प्रदेश की 27 हजार ग्राम पंचायतों से मूर्ति निर्माण हेतु धातु संग्रहण और जनजागरण का अभियान भी चलाया गया था।
10:09 AM, 21-Sep-2023

बाल रुप में नजर आएंगे आदि शंकराचार्य
– फोटो : अमर उजाला
बाल स्वरूप में दिखेंगे आदि शंकराचार्य
ओम्कारेश्वर के मांधाता पर्वत पर बन रहे भव्य और दिव्य ‘एकात्म धाम’ में आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची ‘एकात्मता की प्रतिमा’ के साथ ही ‘अद्वैत लोक’ नाम का एक संग्रहालय तथा आदिगुरु शंकराचार्य अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान की स्थापना भी की जा रही है। इस प्रकल्प के प्रथम ऐतिहासिक चरण के रूप में यहां पहले 18 सितंबर को एकात्मता की प्रतिमा का अनावरण होने वाला है। यह 108 फीट ऊंची बहुधातु की प्रतिमा है, जिसमें आदि शंकराचार्य जी बाल स्वरूप में दिखाई देंगे।
08:54 AM, 21-Sep-2023
केरल की परंपारिक पद्धति अनुसार होगा साधु-संतों का स्वागत
मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे केरल की पारंपारिक पद्धतियों अनुसार साधु-संतों का स्वागत करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री तथा पूज्य संतों द्वारा वैदिक यज्ञ अनुष्ठान में आहूति दी जाएगी। इस अवसर पर देशभर की शैव परंपरा के नृत्यों की प्रस्तुतियों के साथ ही आचार्य प्रतिवर्तित पंचायतन पूजा परंपरा का भारतीय प्रदर्शनकारी शैलियों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुतिकरण होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री तथा पूज्य संतों द्वारा एकात्मता की मूर्ति का अनावरण और अद्वैत लोक का भूमि एवं शिला पूजन किया जाएगा। कुल 101 बटुकों द्वारा वेदोच्चार व शंखनाद के बीच मुख्यमंत्री व पूज्य संत एकात्मता की मूर्ति की चरणों में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
08:47 AM, 21-Sep-2023
Statue of Oneness Unveil Live: आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का CM ने किया अनावरण, संतों के साथ परिक्रमा भी की
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची बहुधातु से निर्मित एकात्मता की मूर्ति का अनावरण कर अद्वैत लोक का शिलान्यास करेंगे। उज्जैन में महाकाल लोक के बाद अब ओंकारेश्वर में एकात्म धाम बनने जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर से करीब पांच हजार साधु संत यहां पहुंचे हैं। सभी साधु-संतों का स्वागत-सत्कार परंपरागत रूप से किया जाएगा।
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