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पंकज त्रिपाठी
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विस्तार
अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में खास पहचान बनाने वाले पंकज त्रिपाठी का नाम आज के समय में बेहतरीन अभिनेताओं में लिया जाता है। अभिनेता फिल्मों के बैक टू बैक शानदार परफॉर्मेंस देकर सभी का दिल जीत रहे हैं। वह अपने किरदार को इतनी शिद्दत से निभाते हैं कि देखने वाले उनके चलाए जादू में खो जाता है। ‘मिमी’ से लेकर ‘ओएमजी 2’ तक अपने अभिनय से सभी को प्रभावित करने वाले पंकज त्रिपाठी इन दिनों ‘फुकरे 3’ में पंडित जी बनकर सबका दिल जीत रहे हैं। इस बीच अभिनेता ने हाल ही में साझा किया कि वह अपने संघर्ष के दिनों के बारे में बात करने से कतराते हैं। चलिए जानते हैं क्यों..
पंकज त्रिपाठी ने किया अपनी परवरिश पर खुलासा
अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने हाल ही में अपने करियर की शुरुआत के बारे में बात की और बताया कि वह अपने संघर्ष की कहानियों को साझा करने से क्यों बचते हैं। उन्होंने अपनी बेटी आशी के बारे में भी बात की और इस धारणा को खारिज कर दिया कि वह सोने का चम्मच लेकर पैदा हुई थी। पंकज त्रिपाठी ने गांव में अपनी जड़ें और निम्न-मध्यम वर्ग की परवरिश का खुलासा किया। उन्होंने कहा, ‘मेरी परवरिश 23 साल तक गांव में हुई। हम निम्न-मध्यम वर्ग से थे। मैं कल ही सोच रहा था, जब भी मैं किसी होटल में जाता हूं और खाना ऑर्डर करता हूं, तो मैं उनसे कहता हूं कि इसे छोटे हिस्से में भेजें क्योंकि अगर यह बर्बाद हो जाएगा तो मुझे अच्छा नहीं लगेगा। लेकिन वे हमेशा बहुत कुछ देते हैं और मुझे ज्यादा खाना पड़ता है और मैंने सोचा, मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं?’
नहीं पसंद संघर्ष के बारे में बात करना
अभिनेता ने चोटों के बावजूद भी अपने दिवंगत पिता की कड़ी मेहनत के बारे में भी बताया। हालांकि, पंकज इन कहानियों को साझा करने से बचते हैं क्योंकि वह नहीं चाहते कि उन्हें सहानुभूति चाहने वाला समझा जाए। ‘मेरे जीवन के इस पॉइंट पर, मुझे पता है कि मैं मध्यम वर्ग नहीं हूं। लेकिन मेरे मध्यवर्गीय मूल्य अभी भी कायम हैं और जब भी एक चम्मच चावल बर्बाद होता है तो मैं चिंतित हो जाता हूं।’ अभिनेता ने कहा कि उन्होंने बहुत सारे संघर्ष देखे हैं और कहा, ‘मैं ये कहानियां इसलिए नहीं बताता क्योंकि लोगों को लगेगा कि मैं सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहा हूं। जब भी हम दलित लोगों की कहानी सुनाते हैं, लोग उसके पीछे म्यूजिक डालकर..रील बनाते हैं।’
पंकज त्रिपाठी से सलाह लेती हैं उनकी बेटी
अपनी बेटी के बारे में बात करते हुए पंकज त्रिपाठी ने बताया कि वह निर्णय लेने से पहले अपने माता-पिता से सलाह लेती है। अभिनेता बोले, ‘वह कोई भी निर्णय लेने से पहले हमसे 10 बार चर्चा करती है। उसने हमें बाइक पर घूमते देखा है, इसलिए वह कोई गोल्डन स्पून के साथ पैदा हुई बच्ची नहीं है। उसने अपने माता-पिता को संघर्ष करते देखा है।’ पंकज त्रिपाठी के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें आखिरी बार फिल्म ‘ओएमजी 2’ में देखा गया था, जिसमें उनका अभिनय सभी को पसंद आया था। इन दिनों वह ‘फुकरे 3’ में काम करते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा उनके पास ‘मैं अटल हूं’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्में हैं।
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