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Israel-Hamas DNA Analysis: जंग में अपने सैकड़ों नागरिकों को खोने के बाद इजरायल अब गाज़ा में जबरदस्त बमबारी कर रहा है. इजरायली फाइटर जेट लगातार आतंकी अड्डों पर बम गिरा रहे हैं. इजरायली अटैक को देखकर अब ऐसा लग रहा है कि हमास के हाथ से गाज़ा निकलना तय है. वैसे भी इजरायल के बारे में कहा जाता है कि दुश्मन कहीं भी छिप जाए इजरायली फोर्स उसे ढूंढकर मौत के घाट उतारती है. गाज़ा में अब israeli forces यही कर रही है. इजरायल ने दावा किया है कि उसने हमास के वित्त मंत्री अबू शमाला को मार गिराया है. इसके अलावा हमास का एक और आतंकी भी मारा गया है.
हमास ने इजरायल के सैकड़ों नागरिकों को बंधक बनाया हुआ है. हमास की हैवानियत के कई वीडियो भी सामने आए है. आतंकियों ने निर्दोष लोगों, जिनमें बच्चे, महिलाएं, पुरूष शामिल हैं.. उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतारा है. लेकिन जब इजरायल ने हमास आतंकियों पर बमबारी की तो बौखलाए आतंकी खुली धमकी पर उतर आए. जंग के बीच हमास प्रवक्ता अबू ओबेदा ने एक Audio बयान जारी किया है. जिसमें अबू ओबेदा ने कहा है कि इजरायल की ओर से दागे गए एक रॉकेट के बदले एक इजरायली बंधक को खुलेआम मौत के घाट उतारा जाएगा. इतना ही नहीं उसने ISIS की तरह इजरायली बंधकों की हत्या की video recording करने और इन video को online post करने की धमकी दी है.
इस जंग में इजरायल के इरादे बिल्कुल साफ हैं कि इस बार ऐसी कार्रवाई होगी कि भौगोलिक नक्शा बदल जाएगा. इस बयान के मायने साफ हैं कि इजरायल इस बार पूरे 41 किलोमीटर लंबी गाज़ा पट्टी का नक्शा बदलने के इरादे से बमबारी कर रहा है. इजरायल जैसे शक्तिशाली देश से टकराना कोई आम बात नहीं है. लेकिन हमास ने इजरायल में घुसकर, इजरायल के नागरिकों को मौत के घाट उतारा है. सैकड़ों इजरायली लोगों को बंधक बनाया है. एक आतंकी संगठन के पास इतनी ताकत तभी आ सकती है जब उसे बाहरी शक्तियों का support मिल रहा हो. जिसमें शक की सबसे पहली सुई ईरान और Turkiye की तरफ घूम रही है.
इजरायल पर ये हमास का सबसे बड़ा हमला है. एक ऐसा हमला जिसने इजरायल जैसे शक्तिशाली देश को हिला कर रख दिया है. हमास के इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो हैवानियत ही नजर आएगी. उसका बस एक ही मकसद है. इजरायल का नामोनिशान मिटाना… लेकिन सवाल है कि हमास के पास इतनी ताकत कहां से आई ? कैसे वो इजरायल जैसे शक्तिशाली देश से टकराने की हिम्मत जुटा पाया? इसे समझने के लिए पहले हमास के इतिहास को समझना होगा.
हमास का पूरा नाम है, हरक़त अल-मुक़ावमा अल-इस्लामिया. जिसका मतलब है Islamic Resistance Movement. इस संगठन को वर्ष 1987 में शेख़ अहमद यासीन नाम के एक फ़िलिस्तीनी मौलाना और मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्यों ने बनाया था. हमास के गठन की टाइमिंग भी बहुत अहम थी, क्योंकि वर्ष 1987 में फ़िलिस्तीन में ‘इंतिफ़ादा’ शुरू हुआ था. इंतिफ़ादा अरबी भाषा का एक शब्द है, जिसका अर्थ है विद्रोह या बगावत. फिलिस्तीन में शुरू हुए इस आंदोलन का मक़सद इज़रायल से आज़ादी हासिल करना था. यानि वेस्ट बैंक, गाज़ा और पूर्वी-Jerusalem को ‘इज़रायली कब्ज़े’ से मुक्ति दिलवाना.
वर्ष 1980 का दशक…ये वो समय था जब फिलिस्तीनी लोग Palestine Liberation Organization के नेतृत्व से परेशान हो गए थे. उस वक्त फिलिस्तीन के गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक दोनों ही हिस्सों पर इजरायल का कब्जा था. हमास के जन्म से पहले यासीर अराफात का ‘फतेह’ संगठन वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में मजबूत था. 1980 के दशक में Palestine Liberation Organization ने इजरायल को मान्यता दी थी. लेकिन हमास इससे बौखला गया था. 1987 के इंतिफ़ादा के दौरान हमास ने इजरायल में कई अटैक किए, इन हमलों के बाद हमास का कद बढ़ता चला गया. मौजूदा समय में गाजा पट्टी में हमास का शासन है. हमास पूरे फिलिस्तीन में इस्लामिक स्टेट की स्थापना चाहता है.
ईरान, कतर और तुर्की हमास आतंकियों के सबसे बड़े मददगार माने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान हमास को लगभग 70 फीसदी फाइनेंशियल सपोर्ट देता है. इसलिए ईरान खुलकर हमास का सपोर्ट भी कर रहा है. आतंकी संगठन हमास की कमान इस वक्त इस्माइल हानिया के हाथ में है. इस आतंकी संगठन की ताकत इसके 27 हज़ार लड़ाके हैं. आतंकी संगठन ने इन्हें 6 रीज़नल ब्रिगेड में बांटा हुआ है. हमास में 4 विंग हैं और चारों ही मिलिट्री विंग के अलग-अलग चीफ हैं. ठीक वैसे ही जैसे किसी देश की सेना में होता है.
फिलिस्तीन समर्थित आतंकी संगठन हमास की सबसे बड़ी ताकत उसकी रॉकेट फोर्स है. इसी रॉकेट फोर्स के जरिए उसने इस बार भी इजरायल का लहू बहाया है. इसके अलावा उसके बाद ड्रोन और मिसाइलों का भी जखीरा है. जो उसे ईरान-तुर्की से सप्लाई हुआ है. जबकि कतर हमास को फंड देता है. हमास ने इजरायल पर जिस तरह से हमला किया है उससे साफ है कि उसके पीछे कई देश खड़े हैं. जंग हमास ने शुरू की है लेकिन खत्म करने की बात इजरायल ने कही है. और इजरायल जो कहता है वो करता जरूर है.
हमास का बस एक ही मकसद है, इजरायल का खात्मा. अपने इन मंसूबों को अंजाम देने के लिए वो इजरायल पर लंबे वक्त से हमले करता रहा है. इसलिए सिर्फ इजरायल ही नहीं बल्कि दुनिया के कई बड़े देश इसे खूंखार आतंकी संगठन मानते हैं. जबकि कई देश हमास के आतंकियों का खुलकर समर्थन भी करते हैं. इजरायल के अलावा America, European union, Canada , UK और Japan हमास को आतंकवादी संगठन मानते हैं. लेकिन China, Egypt, Iran, Qatar, Brazil, Turkiye और Syria इसे आतंकी संगठन नहीं मानते हैं. फिलिस्तीन समर्थित आतंकी संगठन हमास को लेकर दुनिया दो हिस्सों में बंटी दिखती है. चीन, ईरान समेत कई बड़े देश हमास को आतंकी संगठन नहीं मानता. इससे भी हमास के आतंकियों का हौसला बढ़ा है. क्योंकि ये देश खुलकर इनका समर्थन करते हैं.
DNA : इजरायल की ‘शपथ’..हमास को खत्म कर देंगे. हमास ने छेड़ा..अब इजरायल छोड़ेगा नहीं !#DNA #DNAWithSourabh #HamasTerrorists #HamasAttacks #IsraelAtWar #IsraelHamasWar@saurabhraajjain @vishalpandeyk pic.twitter.com/gclii7FFR9
— Zee News (@ZeeNews) October 10, 2023
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