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इजरायल के खिलाफ ऑपरेशन अल अक्सा ही क्यों, किस बात से डर गया था हमास

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इजरायल के खिलाफ ऑपरेशन अल अक्सा ही क्यों, किस बात से डर गया था हमास

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Israel Hamas Al Aksa Mosque : हमास और इजरायल के बीच लड़ाई का अंजाम क्या होगा वो भविष्य के गर्भ में है लेकिन हमास के हमले के बाद वैश्विक तस्वीर बदल चुकी है. कुल 22 अरब देशों ने इजरायल को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया तो इजरायल के समर्थक देशों ने भी साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जंग में वो इजरायल के साथ हैं, इन सबके बीच यहां पर हमास के ऑपरेशन अल अक्सा को समझना जरूरी है, आखिर हमास ने इस ऑपरेशन का नाम अल अक्सा ही क्यों दिया. हमास का कहना है कि इजरायली के नीयत पर भरोसा ना करने की कई वजह है. अल अक्सा मस्जिद परिसर के संबंध में जो समझौता हुआ था उस पर इजरायल कभी कायम नहीं रहा.

ऑपरेशन अल अक्सा ही क्यों

  • 1967 में अल अक्सा परिसर के मुद्दे पर इजरायल और जॉर्डन के बीच समझौता हुआ.

  • जॉर्डन के वक्फ बोर्ड को परिसर के अंदर मैनेजमेंट यानी प्रबंधन की जिम्मेदारी मिली.

  • इजरायल को मस्जिद परिसर के हिफाजत की जिम्मेदारी मिली.

  • गैर मुसलमानों को इस परिसर के यात्रा का अधिकार तो मिला लेकिन पूजा की इजाजत नहीं मिली.

  • टेंपल माउंट के संबंध में एक इंस्टीट्यूट बना जिसने इजरायली लोगों को परिसर के अंदर जाने पर लगी रोक हटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया.

  • बताया जाता है कि इस इंस्टीट्यूट ने तीसरा यहुदी मंदिर बनाने की इरादा जब सामने आया तो विवाद बढ़ने लगा.

  • अल जजीरा के मुताबिक इस तरह से समूहों को इजरायल सरकार की तरफ से मदद मिलती है लेकिन सरकार इसका खंडन करती है

  • अल जजीरा के मुताबिक मस्जिद परिसर में यहुदी लोगों के ना जाने पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी लेकिन जमीनी हकीकत अलग थी.

  • इस तरह की परिस्थिति में फिलिस्तीनी लोगों को लगा कि एक ना एक दिन अल अक्सा हाथ से निकल जाएगा. इसे देख आतंकी संगठन हमास ने हमला करने का फैसला किया.

  • अल जजीरा के मुताबिक अब जो तस्वीरें आ रही हैं उसके लिए पूरी तरह से इजरायल ही जिम्मेदार है क्योंकि टेंपल इंस्टीट्यूट ने जिस तरह से यहुदी मंदिर बनाए जाने की बात कही है वो इजरायली वादे के उलट है.

सात अक्टूबर को हमास ने किया था हमला

सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के बाद पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के तेवर तल्ख हैं, उन्होंने कहा है कि हम हमास के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं. हमास की तरफ से जिस तरह से कायराना हरकत की गई है उसका मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. नेतन्याहू ने कहा कि हमास के इस कायराना हरकत का मतलब बेहद साफ है कि वो हमारे अस्तित्व को खत्म करने की कोशिश में जुटा हुआ है जिसे हम किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने देंगे। 

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