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सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : ANI
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आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मंत्री के पोनमुडी को राहत देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने पोनमुडी के खिलाफ पुनरीक्षण मामले को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। बता दें कि मद्रास उच्च न्यायालय ने द्रमुक मंत्री के पोनमुडी और उनकी पत्नी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में वेल्लोर ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था। इसके बाद शुरू किये गये आपराधिक पुनरीक्षण मामले पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया था।
तमिलनाडु हाईकोर्ट के जस्टिस की तारीफ
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने मामले का स्वत: संज्ञान लेने के लिए तमिलनाडु उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश की प्रशंसा भी की। पीठ में में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। पीठ ने कहा, “भगवान का शुक्र है, हमारे पास न्यायमूर्ति आनंद जैसे न्यायाधीश हैं। आचरण को देखो। मुख्य न्यायाधीश मुकदमे को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित करते हैं। प्रशासनिक पक्ष में मुकदमे को एक जिला न्यायाधीश से दूसरे जिला न्यायाधीश में स्थानांतरित करने की मुख्य न्यायाधीश की शक्ति कहां है? मुकदमे को दूसरे जज की अदालत में भेजने के लिए न्यायिक आदेश होना चाहिए। उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने इस मामले की जांच का आदेश देकर ठीक किया है।
पैरवी करने कौन से वकील पेश हुए
शीर्ष अदालत ने कहा कि एकल न्यायाधीश के पास अभी भी मामला है और आय से अधिक संपत्ति मामले में अभी सभी पक्षों को केवल नोटिस जारी किया गया है। इसलिए, वह इस स्तर पर याचिकाओं पर विचार करने के इच्छुक नहीं है। शीर्ष अदालत ने आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी की दलीलों पर विचार करने से इनकार कर दिया।
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