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External Affairs Minister S Jaishankar : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लंदन (London) में बैठकर इस्लामाबाद को 1971 की याद दिलाई है. 1971 की जंग पाकिस्तान के कलेजे में लगा वो नासूर है, जिसे पाकिस्तान आज भी नहीं भूल पाया है. दरअसल लंदन में भारतीय हाई कमीशन की तरफ से आयोजित एक चर्चा में जयशंकर ने वैश्विक मामलों में भारत का पक्ष रखा. इसी दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा कि 1971 युद्ध के बाद बांग्लादेश ने पाकिस्तान के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया.
क्यों इस साल को मनहूस मानता है पाकिस्तान?
किसी आम इंसान के लिए कोई खास दिन या तारीख खराब हो सकती है. लेकिन पाकिस्तान की बात करें तो उसके कैलेंडर में 1971 का वो साल एक ऐसी याद के रूप में दर्ज है, जिसे वो कभी भी याद नहीं रखना चाहता. दरअसल 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गये थे और एक नया राष्ट्र बांग्लादेश बना था. पाकिस्तान को आज भी इस बात की कसक है कि भारत की वजह से ये विभाजन हुआ था. ऐसे में इस तरह जयशंकर ने पाकिस्तान के 1971 वाले जख्मों को फिर से कुरेद दिया.
बांग्लादेश के लिए कही ये बात
इसी आयोजन में जयशंकर ने कहा, ‘दिलचस्प बात ये है कि जो तब पाकिस्तान का गरीब हिस्सा था, उसने बाद में आर्थिक रूप से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है.’
गौरतलब है कि 1947 से 1971 तक यानी करीब 24 साल तक बांग्लादेश और पाकिस्तान एक साथ थे. तब बांग्लादेश को पूर्वी पाकिस्तान कहा जाता था. हालांकि पाकिस्तान से अलग होने के बाद बांग्लादेश लगातार आगे बढ़ रहा है. जबकि 1971 के बाद से पाकिस्तान लगातार विदेशी कर्ज के जाल में फंसने की वजह से कई सालों से कटोरा लेकर डॉलर मांगने के लिए मजबूर है.
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