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Israel Hamas War: हमास के खिलाफ इजरायल की जंग आज 49वें दिन अस्थाई तौर पर रुक गई, इजरायल और हमास के बीच हुए समझौते के तहत आज से अगले 4 दिन तक Ceasefire रहेगा। आज Ceasefire का पहला दिन है। पहले दिन हमास की तरफ से 13 बंधकों को रिहा किया गया, बदले में 39 फिलिस्तीनी कैदियों को इजरायल ने छोड़ा है। पहले से तय समझौते के तहत हमास ने 13 बंधकों को Rafah Border पर Red Cross की टीम के हवाले किया, बाद में बंधकों को Red Cross की टीम ने Israel Defence Force को सौंपा। यहां से Tel Aviv के अस्पताल में Medical Test के लिए इन सभी को रखा गया है। इसके बाद अगर सभी 13 बंधक स्वस्थ्य पाये जाते हैं तो उन्हें परिजनों को सौंप दिया जायेगा।
एक बंधक के बदले 3 फिलिस्तीनी
दरअसल, इजरायल एक बंधक के बदले 3 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा कर रहा है, इस तरह चार दिन में जहां हमास 50 बंधकों को छोड़ेगा, तो बदले में इजरायल कुल 150 फिलिस्तीनी कैदियों को जेल से रिहा करेगा। भारतीय समय के मुताबिक Ceasefire आज सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू हुआ। युद्धविराम के बाद की तस्वीरें भी सामने आई। मिस्र के Rafah Border से राहत सामग्री लेकर ट्रक गाजा में दाखिल होते हुए दिखाई दिये। Ceasefire समझौते के तहत 1 लाख 30 हज़ार लीटर Fuel, 200 ट्रक राहत सामग्री और Cooking Gas के 4 ट्रक प्रतिदिन गाजा जायेंगे। Ceasefire की वजह से गाजा के 23 लाख लोगों को 7 हफ्ते बाद बड़ी राहत मिली है।
राहत सामग्री पहुंचने का रास्ता खुल गया
इजरायल के हमलों के बाद से गाजा के लोग संकट के दौर से गुजर रहे हैं, गाजा में खाने पीने का सामान, पीने के पानी, दवाईयों और बाकी जरूरत का सामान मुहैया ही नहीं है। अब 4 दिन के Ceasefire से इन लोगों तक राहत सामग्री पहुंचने का रास्ता जरूर खुल गया है। बंधकों की अदला-बदली के लिए भले ही Ceasefire पर इजरायल और हमास के बीच सहमति बनी है, लेकिन इजरायल का रुख नरम नहीं पड़ा है। इजरायल ने साफ किया है कि Ceasefire की समयसीमा खत्म होने के बाद वो जबरदस्त पलटवार करेगा।
– इजरायल-हमास के बीच Ceasefire की Deal प्रतिदिन के हिसाब से हुई है।
– जिसके मुताबिक हमास रोजाना 12 से 13 बंधकों को अपनी कैद से रिहा करेगा
– बंधकों की रिहाई के बदले में इजरायल तीन गुना फिलिस्तीनी कैदी जेल से छोड़ेगा
– कुल मिलाकर शुरू हुआ Ceasefire 4 दिनों के लिए भी स्थाई नहीं है।
– अगर हमास की तरफ से कोई गड़बड़ होती है, तो इजरायल बिना देर किये हमला करेगा
इजरायल का रुख हमास के प्रति नरम नहीं पड़ा है
Netanyahu हमास के खात्मे पर अड़े हुए हैं।बावजूद इसके, अगर Ceasefire समझौता ठीक से चार दिनों के लिए लागू रहता है, या फिर उससे पहले टूट जाता है। तब इसके क्या प्रभाव होंगे ? इजरायल, गाजा और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लेकर क्या Scenario बनेगा ? उसे समझना भी जरूरी है।
– मौजूदा Ceasefire को लेकर कुल चार तरह से Scenario बन रहे हैं।
– पहला ये कि 4 दिन का Ceasefire ठीक से पूरा हो, दूसरा, Ceasefire 4 दिन से पहले ही टूट जाये। तीसरा, Ceasefire 4 दिन से आगे बढ़ भी सकता है। और चौथा ,Ceasefire की समयसीमा खत्म हो जाये।
– अगर 4 दिन का Ceasefire ठीक से लागू रहता है, तब हमास के नज़रिये से वो अपने 150 कैदियों को छुड़ाने में कामयाब होगा, साथ ही गाजा के लोगों को 4 दिनों में ज्यादा से ज्यादा मानवीय सहायता मिल सकेगी।
– इसे अगर इजरायल के नज़रिये से देखें तो इजरायल अपने 50 बंधकों को छुड़ा लेगा, इससे Netanyahu पर बंधकों के परिजनों का दबाव कम होगा।
– 4 दिन का Ceasefire सफल रहने पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर इसे आगे बढ़वाने का दबाव बनेगा।
– दूसरी तरफ अगर इजरायल युद्धविराम के समझौते को तोड़ता है, उस स्थिति में तीन चीजें होंगी, पहला क्षेत्रीय टकराव बढ़ेगा। दूसरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर Netanyahu की साख गिरेगी। और तीसरा हमास इजरायल पर ज्यादा Rocket हमले करेगा।
– अगर युद्धविराम के समझौते को हमास तोड़ता है, उस स्थिति में दो बातें हो सकती हैं, पहला इजरायल ज्यादा Aggressive होकर हमास आतंकियों पर हमले करेगा। दूसरा हमास के खिलाफ पश्चिमी देशों में गुस्सा बढ़ेगा।
महीनेभर की कोशिशों के बाद कामयाबी
मौजूदा Ceasefire पर अमेरिका, Qatar और Turkiye को महीनेभर की कोशिशों के बाद कामयाबी मिली। ये बात अलग है कि इसके लिए इजरायल को हमास की शर्तों को मानना पड़ा। लेकिन इस Ceasefire को लेकर ना पूरी तरह इजरायल Satisfy हुआ, ना हमास Satisfy हुआ है। इसलिए 4 दिन के Ceasefire के पूरा होने पर भी संदेह है। ऐसे में सवाल ये कि अगर Ceasefire आगे बढ़ जाता है या फिर Expire हो जाता है, तब का Scenario बनेगा।
– अगर Ceasefire 4 दिन से आगे बढ़ता है, तब हमास के नज़रिये से वो अपने ज्यादा बंधकों को इजरायल की जेल से छुड़ाने में कामयाब होगा। साथ ही ज्यादा मानवीय मदद गाजा में पहुंचेगी।
– दूसरी तरफ इजरायल हर दिन के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा बंधकों को रिहा करा पायेगा, Ground Zero से ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी। West Bank में Army Operation को लेकर इजरायल तेजी ला सकेगा।
– इन सबसे अलग Ceasefire आगे बढ़ने से युद्ध की मौजूदा स्थिति खत्म हो सकती है, और युद्ध के खत्म होने के आसार बढ़ेंगे।
– लेकिन इन सबसे उलट अगर Ceasefire Expire होता है, तब फिर से गाजा में जंग शुरू हो जायेगी।
ग्राउंड ऑपरेशन चलाया?
गाजा में इजरायल ने ये हमले 24 नवंबर की सुबह उस वक्त किये, जब सीजफायर शुरू होने में बस चंद मिनट बचे थे। हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल के लिए मिनट-मिनट कीमती है, इसलिए इजरायली सेना एक सेकंड भी जाया नहीं करना चाहती। सीजफायर को लेकर इजरायल और हमास के बीच 22 नवंबर को सहमति बन गई थी, लेकिन इसे लागू करने में 48 घंटे का वक्त लगा, इतने वक्त में इजरायल ने गाजा में भयानक तबाही मचाई। सीजयफायर से 24 घंटे पहले IDF की नहल ब्रिगेड ने जबालिया में मस्जिद के अंदर एक सुरंग को तबाह किया, साथ ही आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर वहां ग्राउंड ऑपरेशन चलाया।
सीजफायर से पहली रात भी आसमान से गाजा पट्टी में इजरायल ने बेहिसाब बम बरसाये गये..इस मकसद के साथ कि कम समय में हमास को जितना ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके उतना ही बेहतर होगा। इजरायल ने गुरुवार को हमास के नेवी कमांडर अमर अबु जलाला समेत कई आतंकियों को मार गिराया। इजरायल को इस बात की आशंका है, कि युद्धविराम के दौरान हमास के टॉप कमांडर और लीडर गाजा से अपना ठिकाना बदल सकते हैं। शायद इसी वजह से सीजफायर से पहले हमास को बड़ा नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
इजरायल सेना ने क्लीयर मैसेज दिया है, कि जब सीजफायर के बाद जब दोबारा युद्ध शुरू होगा तब पूरी ताकत के साथ लड़ाई शुरू होगी। जिसका मकसद हमास का पूरी तरह खत्म करना होगा। इसलिए इजरायली सेना ने नॉर्थ गाजा के उन लोगों को फिर से चेतावनी दी है, जो साउथ शिफ्ट हो चुके हैं और युद्धविराम के दौरान वापसी की सोच रहे हैं। उन्हें मैसेज दिया गया है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और नॉर्थ गाजा की तरफ आना खतरे से खाली नहीं होगा।
वैसे भी इजरायल और हमास के बीच सीजफायर 49वें दिन हुआ है, इतने दिनों में इजरायल ने गाजा को करीब करीब तबाह कर दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक
– इजरायली हमलों में गाजा में 14,800 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 30 हज़ार के करीब घायल हैं।
– फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मरने वालों में 5500 बच्चे और 3500 महिलाएं भी शामिल हैं।
– इजरायल ने गाजा में 83 मस्जिदों को जमींदोज कर दियाहै, वहीं 170 को हवाई हमलों में नुकसान पहुंचाया है।
– इजरायल के हमलों में गाजा के 45 फीसदी से ज्यादा रिहायशी इलाके तबाह हो चुके हैं।
– हमास के 60 से ज्यादा कमांडर्स को इजरायल की सेना ने मार गिराने का दावा किया है
– गाजा में फैली 400 से ज्यादा खुफिया सुरंगों को तबाह करने का दावा भी किया हैो
फिलहाल, इजरायल और हमास के बीच 4 दिन यानी 96 घंटे के सीजफायर पर समझौता हुआ है। जानकारों को आशंका है कि ये समझौता किसी भी वक्त टूट सकता है। अगर समझौता नहीं टूटा और समयसीमा खत्म हो जाती है, तब भी इजरायल ज्यादा ताकत और नए सिरे से हमास पर हमलों को अंजाम देगा। मतलब ये कि गाजा में शांति भले ही हुई है लेकिन ये अस्थायी है। युद्ध खत्म नहीं हुआ है।
इजरायल ने Ceasefire का समझौता हमास के साथ किया है, इसलिए इजरायल ने गाजा में 4 दिनों के लिए हमलों को रोक दिया है। लेकिन इजरायल इस युद्ध को मौजूदा समय दो मोर्चों पर लड़ रहा है, दूसरा मोर्चा Lebnon Border पर आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के साथ है। इजरायल पर Rocket हमलों के ये वीडियो गुरुवार की रात के हैं। यानी कुछ घंटे बाद जब गाजा में Ceasefire शुरू होने वाला था, तब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर Rocket से हमला किया।
इजरायली सेना के मुताबिक हिजबुल्लाह ने इजरायल को Target करके 50 Rocket दागे जिसमें से करीब 20 को इजरायल ने Lebnon में ही मार गिराया। साथ ही दावा किया कि हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को हमला करके तबाह कर दिया।
दरअसल, हिजबुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ 8 अक्टूबर को ही मोर्चा खोल दिया था, तभी से Lebnon की तरफ से Rocket से हमले किये जा रहे हैं। जिसका जवाब भी इजरायल दे रहा है। हिजबुल्लाह खुलकर हमास के समर्थन में खड़ा है, उसने हमास के नरसंहार को भी जायज ठहराया था।
इजरायल के हमास के खिलाफ युद्ध शुरू करने के करीब 1 महीने बाद हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरुल्लाह मीडिया के सामने आया था, तब खुलकर हमास को समर्थन देने और इजरायल के खिलाफ युद्ध शुरू करने का ऐलान किया था। आतंकी संगठन हिजबुल्लाह की इजरायल से दुश्मनी नई नहीं है, वर्ष 2006 में दोनों के बीच युद्ध हो चुका है, लेकिन समय के साथ इस आतंकी संगठन ने खुद को मजबूत किया है। आरोप लगते हैं कि हिजबुल्लाह को ईरान मदद करता है। लेकिन जिस तरह का रुख इजरायल ने अपनाया हुआ है, उससे इतना तो तय है, कि इजरायल जंग के हर मोर्चे के लिए तैयार है।
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