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सुखबीर सिंह बादल।
– फोटो : फाइल
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फिरोजपुर की अदालत ने राष्ट्रीय राजमार्ग-54 जाम करने के मामले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम मजीठिया समेत 43 समर्थकों को बरी कर दिया है। साल 2017 में हाईवे जाम करने के आरोप में मक्खू थाने में सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के वकील हरगुरबीर सिंह गिल ने बताया कि इस मामले से संबंधित छह अकाली समर्थकों की मौत हो चुकी है। बुधवार को जज परविंदर कौर की अदालत ने सुखबीर बादल, बिक्रम मजीठिया समेत 43 अकाली समर्थकों को बरी कर दिया है। बिक्रमजीत मजीठिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार झूठ की राजनीति कर रही है। खनन मामले के लिए सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी सरकार जिम्मेदार है। इस दौरान पूर्व मंत्री जनमेजा सिंह सेखों, गुरुमीत सिंह, शिरोमणि कमेटी के सदस्य बलविंदर सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे।
इन पर दर्ज हुआ था केस
कांग्रेस सरकार के दौरान जब नगर पंचायत मल्लांवाला और नगर पंचायत मक्खू के चुनाव थे तो उस समय अकाली दल के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके विरोध में अकाली दल ने बंगालीवाला पुल पर जाम लगाकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।
पुल जाम करने के मामले पर सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया समेत महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, बरजिंदर सिंह बराड़, वरदेव सिंह नोनी मान, अवतार सिंह जीरा, शेर सिंह मंड, मनतार सिंह बराड़, गुरमीत सिंह, सतपाल सिंह तलवंडी और जुगराज सिंह समेत अन्य खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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