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25 साल बहुत होते हैं कि दोस्ती को परखने के। लेकिन, रीमा कागती और जोया अख्तर बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर जब फिल्म ‘बॉम्बे बॉयज’ के सेट पर पहली बार मिले, तो दोनों को लगा कि कुछ तो ऐसा है जो दोनों में कॉमन है। दोनों ने मिलकर पहली फिल्म ‘तलाश’ लिखी, बनाई भी। फिर, दोनों ने अपना अगल प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी शुरू किया और अब दोनों मिलकर ला रही है अपनी पहली डिजिटल फिल्म ‘द आर्चीज’। इस फिल्म से एक साथ सात नए चेहरे मनोरंजन की दुनिया में दाखिल हो रहे हैं। ‘अमर उजाला’ के साथ एक खास वीडियो इंटरव्यू में जोया अख्तर ने जो बातचीत की वह आप पढ़ ही चुके हैं, अब बारी रीमा कागती की..
मशहूर कॉमिक बुक पर आधारित जोया और रीमा की नई फिल्म ‘द आर्चीज’ का दोनों ने भारतीय दर्शकों के हिसाब से अनुकूलन किया है। मौजूदा दौर के सबसे मुखर मुद्दे पर्यावरण को भी इसमें शामिल किया है। रीमा कहती हैं कि इस फिल्म की कहानी को 60 के दशक की वास्तविकता में जाकर और भारतीय परिवेश को ध्यान में रखकर लिखना थोड़ा सा चुनौतीपूर्ण था, ‘इस फिल्म को लिखते वक्त सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि भारतीय परिवेश को ध्यान में रखकर इसे किस तरह से लिखा जाए कि यहां के दर्शक इसे स्वीकार करें। लेकिन जब इस दिशा में हमने सोचना शुरू किया तो किया कि इसको कैसे करना है, तो यह एकदम से नॉर्मल स्क्रिप्ट लिखने जैसा ही था।’
फिल्म ‘द आर्चीज’ के जरिए शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान, बोनी कपूर की बेटी खुशी कपूर और अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा जैसे स्टारकिड्स हिंदी सिनेमा में डेब्यू कर रहे हैं। फिल्मी पृष्ठभूमि से आए कलाकारों के बारे में रीमा कागती कहती हैं, ‘फिल्मी पृष्ठभूमि से जो भी कलाकार आते हैं, उनके साथ कुछ भी हो सकता है। वह सफल भी हो सकते हैं और असफल भी हो सकते हैं। मुझे नहीं लगता है कि वह एक्टिंग अपने माता पिता से सीख सकते हैं, यह जरूर है कि अपने माता पिता की एक्टिंग देखकर उन्हें थोड़ी सी मदद जरूर मिल जाती है। क्योंकि वह बचपन से ही एक ऐसी दुनिया का हिस्सा होते हैं, जहां वह अपने मां बाप की एक्टिंग देखते आए हैं।’
फिल्म ‘द आर्चीज’ का प्रस्ताव जोया और रीमा के पास नेटफ्लिक्स की तरफ से आया था और तब से ही दोनों इसे पूरा करने के लिए दिन रात लगे रहे हैं। अब जबकि फिल्म के ट्रेलर और गाने लोगों को पसंद आ रहे हैं, जोया की तरह ही रीमा भी थोड़ा अच्छा महसूस कर रही हैं। फिल्मों पर काम करने के दौरान जोया अख्तर जहां मानसिक शांति के लिए ध्यान लगाती हैं, वहीं रीमा कागती को प्रकृति के करीब रहकर बहुत ही सुकून मिलता है। वह कहती हैं, ‘मैं धर्मिक तो नहीं लेकिन आध्यात्मिक जरूर हूं। जब भी मन में कोई नकारात्मक ख्याल आता है तो अपने फार्म हाउस में घूमने चली जाती हूं, मुझे प्रकृति के करीब रहकर बहुत ही सुकून मिलता है।’
रीमा कागती मूलत: आसाम की रहने वाली हैं। वह कहती हैं, ‘मेरी पृष्ठभूमि खेती की ही रही है, इसलिए बचपन से ही मेरा रुझान प्रकृति की तरह रहा है और मुझे बहुत ही सकून मिलता है।’ इस फिल्म के अलावा रीमा कागती ने जोया अख्तर के साथ मिलकर फिल्म रोड ट्रिप पर आधरित फिल्म ‘जी ले जरा’ लिखी है। रीमा कागती कहती हैं, ‘इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिख कर बहुत मजा आया। जल्द ही इस फिल्म की शूटिंग शुरू होगी।’
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