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फुमियो किशिदा
– फोटो : Twitter@ Fumio Kishida
विस्तार
जापान में वित्तीय घोटाले के आरोपों से घिरे मंत्रियों और सरकार के प्रवक्ताओं के इस्तीफों के बीच पीएम फुमियो किशिदा सरकार में फेरबदल कर सकते हैं। दरअसल, फुमियो सरकार में अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री यासुतोशी निशिमुरा, मुख्य कैबिनेट सचिव मात्सुनो सरकार के प्रवक्ता और पीएम के खासमखास हिरोकाजु मात्सुनो सहित कई अन्य मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। जिसके बाद फुमियो को मजबूरन मंत्रिमंडल में फेरबदल करना पड़ रहा है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके तहत इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है।
पार्टी खातों से गायब फंड को लेकर हो रही जांच
जापानी अधिकारियों के मुताबिक, ये आरोप पार्टी के फंड से जुड़ा हुआ है। दरअसल, पार्टी फंड को मिले 500 मिलियन येन गायब है। इन रुपयों को क्राउड फंडिंग के माध्यम से इक्ट्ठठा किया गया था।
इस्तीफों का दौर जारी
जापान में पीएम किशिदा की पार्टी से जुड़े मंत्रियों पर आरोप लगने के बाद से उनके इस्तीफे लिए जा रहे हैं। इस क्रम में गुरुवार को अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री यासुतोशी निशिमुरा ने इस्तीफा दिया, उसके बाद कैबिनेट चीफ सेक्रेटरी मात्सुनो ने इस्तीफा दिया। इसके अलावा आतंरिक मामलों के मंत्री जुंजी सुजुकी और कृषि मंत्री इचिरो मियाशिता ने अपने इस्तीफे का एलान किया। इसके अलावा,यह भी कहा जा रहा है कि पांच अन्य मंत्रियों से भी इस्तीफा लिया जा सकता है। ये सभी मंत्री सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली गुट के सदस्य हैं। इस गुट को पूर्व प्रधान मंत्री शिंजो आबे के नाम पर ‘आबे गुट’ के नाम से जाना जाता है।
योशिमासा हयाशी लेगें मात्सुनो की जगह
एक प्रेस कांफ्रेस में घोषणा करते हुए मात्सुनो ने कहा कि राजनीतिक फंड के संबंध में हम पर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों ने राजनीति में जनता के विश्वास को हिला दिया है। ये आरोप उस फंड को लेकर लगाए गए हैं जोकि मेरा अपना राजनीतिक फंड था। ऐसे में इन आरोपों के मद्देनजर मैनें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। गौरतलब है कि मात्सुनो को पीएम किशिदा के खास लोगों में गिना जाता है। वहीं, योशिमासा हयाशी अब मात्सुनो की जगह लेंगे। योशिमासा हयाशी ने सितंबर तक विदेश मंत्री के रूप में काम किया।
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