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जयशंकर-पुतिन
– फोटो : सोशल मीडिया
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रुस के पांच दिवसीय यात्रा पर पहुंचे जयशंकर ने अपने रुसी समकक्ष विदेश मंत्री सर्वेई लावरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सर्वेई लावरोव ने कहा कि मेड इन इंडिया के तहत दोनों देश ने सैन्य उपकरणों के निर्माण पर सहमति जताई है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि भारत और रूस के संबंध प्रगाढ़ हैं। द्विपक्षीय बैठक में वर्तमान और भविष्य की परिस्थितियों पर चर्चा की गई है। वहीं भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमारा लक्ष्य आपकी संबंधों को मजबूत करना हैं।
राष्ट्रपति पुतिन और जयशंकर की हुई मुलाकात
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बुधवार रात भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के भारत-रूस के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी बात की। बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को जयशंकर ने पीएम मोदी की चिट्ठी भी सौंपी। राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान सुरक्षा, राजनीतिक समेत कई मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बता दें क्रेमलिन के प्रवक्ता के मुताबिक भारत रूस का एक महत्वपूर्ण भागीदारी है।
#WATCH | External Affairs Minister Dr S Jaishankar meets Russian President Vladimir Putin in Moscow pic.twitter.com/nn5su3wASA
— ANI (@ANI) December 27, 2023
हमारे रिश्तों में आई मजबूती- जयशंकर
वहीं सर्गेई लावरोव से मुलाकात के दौरान जयशंकर ने कहा कि मॉस्को में रहना हमेशा सुखद होता है। मैं आपसे सहमत हूं कि हमारे रिश्ते बहुत मजबूत, बहुत स्थिर रहा है। मुझे यह भी लगता है कि दोनों देश विशेष रणनीतिक साझेदारी की जिम्मेदारियों पर खरे उतरे हैं। बता दें मंगलवार को जयशंकर ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर उप प्रधानमंत्री मंटुरोव के साथ एक बैठक की थी, जिसमें कुडनकुलम परमाणु संयंत्र में भविष्य की बिजली उत्पादन इकाईयों के निर्माण से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
गौरतलब, यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के बावजूद भारत और रूस के बीच संबंध मजबूत बने रहे। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को लेकर भारत किसी भी प्रकार की टिप्पणी देने से बच रहा हैं। भारत की मानें तो इन मुद्दों को कूटनीति और बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।
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