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नारायणन विजयराज अलगरस्वामी
– फोटो : अमर उजाला
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नारायणन विजयराज अलगरस्वामी, जिन्हें उनके स्टेज नाम विजयकांत से बेहतर जाना जाता है, वो अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन से साउथ की राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। चूंकि वे न सिर्फ अभिनेता बल्कि एक भारतीय राजनीतिज्ञ भी थे और देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) के संस्थापक थे। विजयकांत का गुरुवार को चेन्नई के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनकी उम्र करीब 71 वर्ष थी। वह अपने प्रशंसकों और लोगों के बीच द्रमुक-अन्नाद्रमुक के विकल्प के तौर पर उभरे थे। लोगों में एक अलग उम्मीद जगाई थी और आज वो सभी को छोड़कर चले गए।
पार्टी ने बयान जारी करते हुए कहा कि विजयकांत कोरोना संक्रमित होने के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। हालांकि, अस्पताल के तरफ से जारी किए गए बयान में बताया गया है कि उन्हें निमोनिया हो गया था।
विजयकांत की उदारता को देखते हुए उनके प्रशंसक उन्हें ‘करुप्पु एमजीआर’ (काले एमजीआर) बुलाते हैं। वह कई सालों से बीमार थे, जिसकी वजह से पिछले चार-पांच सालों से वह लो प्रोफाइल बने हुए थे। विजयकांत की तबियत को देखते हुए उनकी पत्नी प्रेमलता ने औपचारिक रूप से 14 दिसंबर को डीएमडीके की बागडोर संभाली और उन्हें यहां पार्टी की एक बैठक में महासचिव घोषित किया गया।
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