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India-Maldives Diplomatic Row: मालदीव के कुछ मंत्रियों द्वारा पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के खिलाफ अब मालदीव के भीतर ही आवाजें उठने लगी हैं. हालांकि पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्रियों को सरकार ने निलंबित कर दिया है लेकिन यह विवाद थमता नहीं दिख रहा है. अब मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (MATI) ने बयान जारी कर मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है.
MATI की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ उप मंत्रियों द्वारा भारत के प्रधान मंत्री, महामहिम नरेंद्र मोदी के साथ-साथ भारत के लोगों के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है। भारत हमारे निकटतम पड़ोसियों और सहयोगियों में से एक है. भारत हमेशा हमारे पूरे इतिहास में विभिन्न संकटों के लिए सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला रहा है और हम सरकार के साथ-साथ भारत के लोगों द्वारा हमारे साथ बनाए गए घनिष्ठ संबंधों के लिए बेहद आभारी हैं.’
भारतीय पर्यटक मालदीव अर्थव्यस्था के लिए जरूरी
माना जा रहा है कि इस पूरे विवाद ने मालदीव के पर्यटन उद्योग खासा नाकारात्मक असर डाला है क्योंकि भारत के पर्यटक मालदीव टूरिज्म इंडस्ट्री की रीढ़ हैं. अगर मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों में कमी आई तो यह मालदीव अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में सालाना 2 लाख से अधिक भारतीयों ने मालदीव का दौरा किया, जो कि कोविड-19 महामारी के बाद किसी भी देश से सबसे अधिक है.
मालदीव टूरिज्म मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 17 लाख से अधिक टूरिस्टों ने द्वीप राष्ट्र का दौरा किया, जिनमें से 2,09,198 से अधिक पर्यटक भारतीय थे, इसके बाद रूसी (2,09,146) और चीन (1,87,118) टूरिस्टों का नंबर था.
2022 में भारतीय टूरिस्टों की संख्या 2.4 लाख से अधिक थी, जबकि 2021 में 2.11 लाख से अधिक भारतीयों ने मालदीव के लिए उड़ान भरी. महामारी के दौरान मालदीव अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए खुले कुछ देशों में से एक था और उस अवधि के दौरान लगभग 63,000 भारतीयों ने उस देश का दौरा किया.
हो रहा #BoycottMaldives ट्रेंड
मालदीव के मंत्रियों के का भारत विरोधी बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर #BoycottMaldives ट्रेंड हो रहा है. लोग मालदीव सरकार की जमकर आलोचना कर रहे हैं. मालदीव सरकार के आलोचकों का कहना है कि टूरिज्म पर निर्भर मालदीव को भारत की ताकत का अंदाज ही नहीं है.
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