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Covid Alert: दक्षिण के बाद अब उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है JN.1 वैरिएंट, विशेषज्ञ बोले- सभी हो जाएं सावधान

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दुनिया के कई देशों में इन दिनों कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने की खबर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2023 में ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट JN.1 के कारण वैश्विक स्तर पर कोरोना के प्रसार में तेजी तो आई ही है, साथ ही एक महीने के भीतर 10 हजार से अधिक लोगों की मौतें भी रिकॉर्ड की गई हैं। जिसका मतलब है कि ये नया वैरिएंट दुनियाभर के लिए बड़े खतरे के तौर पर उभर रहा है। कई देशों में संक्रमण के मामले इस गति से बढ़ रहे हैं कि वहां पर विशेषज्ञ कोरोना की एक और संभावित लहर को लेकर भी आशंका जता रहे हैं।

भारत में संक्रमण की स्थिति पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां भी पिछले एक-डेढ़ महीने में कोरोना के केस में भारी उछाल आया है। पिछले एक-दो सप्ताह से दैनिक स्तर पर औसतन 500-600 कोरोना के नए केस दर्ज किए जा रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार (11 जनवरी) को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 514 नए केस दर्ज किए गए हैं साथ ही तीन लोगों की मौत भी हुई है। इसके अलावा रिपोर्ट से पता चलता है कि नया वैरिएंट अब उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।




महाराष्ट्र में बढ़ रहे हैं केस

कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 की देश में स्थिति पर नजर डालें तो पता चलता है कि गुरुवार तक 12 राज्यों से JN.1 वैरिएंट कुल 827 मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक मामले (250) महाराष्ट्र में रिपोर्ट किए गए हैं। इसके पहले के हफ्तों में JN.1 की गति पर नजर डालें तो पता चलता है कि दिसंबर के आखिरी और जनवरी के शुरुआती सप्ताह में दक्षिण के राज्यों- केरल और कर्नाटक में सबसे अधिक केस थे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया बुधवार को महाराष्ट्र में 98 नए केस आने के साथ दो मौतें भी हुईं। मुंबई और आसपास के शहरों में भी कोरोना की रफ्तार बढ़ रही है। जिस तरह से महाराष्ट्र की जनसंख्या है ऐसे में इस नए वैरिएंट की प्रकृति के कारण संक्रमण में और उछाल आने का खतरा हो सकता है। 


केरल-कर्नाटक में अब कम हो रहा है संक्रमण

दक्षिण के राज्य केरल और कर्नाटक को अब तक कोरोना के नए वैरिएंट JN.1 से सबसे ज्यादा प्रभावित माना जा रहा था, हालांकि अब यहां संक्रमण की रफ्तार थोड़ी कम हुई है। 11 जनवरी को शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक  कर्नाटक में अब कोरोना के एक्टिव केस 974 जबकि केरल में 613 रह गए हैं। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले हफ्ते कहा था कि राज्य में संक्रमण के मामलों में आने वाले दिनों में कमी आने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं चूंकि अब महाराष्ट्र में नए वैरिएंट के सबसे अधिक केस हैं, ऐसे में आशंका है कि अगर सावधानी न बरती गई तो उत्तर भारत में भी संक्रमण में इजाफा आ सकता है। महाराष्ट्र में उत्तर भारत की बड़ी आबादी रहती है और रोजाना हजारों की संख्या में यहां लोगों का आना-जाना भी है ऐसे में वायरस के संचरण के बढ़ने की आशंका को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।


कैसी है अभी उत्तर के राज्यों की स्थिति 

 

उत्तर भारत में कोरोना की स्थिति पर नजर डालें तो पता चलता है कि ज्यादातर राज्यों में फिलहाल स्थिति काफी नियंत्रित है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में JN.1 वैरिएंट के अब तक 24 केस सामने आए हैं। गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में बुधवार को कोविड-19 के चार नए मामले सामने आए, जबकि सात मरीज ठीक हुए। उत्तर प्रदेश में भी कोरोना से स्थिति फिलहाल नियंत्रित है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है महाराष्ट्र में अगर मामले बढ़े तो इसका असर उत्तर के कई राज्यों पर भी देखा जा सकता है।


क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ में आपातकालीन चिकित्सा विभाग के डॉक्टर अहमद फारूकी कहते हैं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश में नए वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामले फिलहाल काफी कंट्रोल में हैं, पर महाराष्ट्र में कोरोना का बढ़ना अलार्मिंग है।

उत्तर भारत के कई राज्यों से यहां लोग काम करने जाते हैं, ट्रेनों से रोजाना हजारों लोगों को आवागमन होता है। पिछले वर्षों में देखें तो महाराष्ट्र में कोरोना बढ़ने का असर यूपी-बिहार पर भी देखा गया था, इसलिए सभी लोगों को विशेष सावधान हो जाने की आवश्यकता है। इस नए वैरिएंट को काफी संक्रामक पाया गया है ऐसे में कम समय में ये तेजी से संक्रमण बढ़ाने का कारण हो सकता है। थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


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