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मरने के बाद जहां हुई दूसरी शादी।
– फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
धरती पर इंसान के जिंदा रहने पर तो एक नहीं, कई शादियां हो सकती है लेकिन एक इंसान के मरने के बाद उसकी दूसरी शादी स्वर्गलोक में हुई। स्वर्गलोक में शादी होने के बाद भूलोक में सरकारी महकमें ने इस शादी का दस्तावेजी भी प्रमाण के रूप में दिया है। इस बात पर आप आश्चर्य मत कीजिये क्यों कि यह सत्य है। हालांकि इस प्रमाण पर मामले से जुड़े लोग न केवल आपत्ति जता रहे हैं बल्कि मामले को जान-सुनकर आम लोग सरकारी महकमे की कार्यशैली पर चटकारे भी ले रहे हैं। मामला औरंगाबाद के गोह प्रखंड का है।
मरने के बाद स्वर्गलोक में शादी, राजस्व कर्मचारी ने दिया प्रमाण
शंकर चौधरी गोह प्रखंड अंतर्गत हथियारा के निवासी थे। वह पेशे से सरकारी शिक्षक थे और मरने के पहले देवकंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर पदस्थापित थे। कुछ माह पूर्व उनका निधन हो गया। निधन होने तक उनकी एक ही पत्नी थी, लेकिन स्वर्गलोक में उनकी शादी के बाद अब उनकी दो-दो जिंदा पत्नियां है। मामले में पहली पत्नी तो आपत्ति भी जता रही है लेकिन दूसरी पत्नी ने चुप्पी साध रखी है। दरअसल स्वर्गलोक में मृत गुरूजी की दूसरी शादी गोह के हथियारा पंचायत के राजस्व कर्मचारी विनय सिंह ने कराई है। आश्चर्य की बात यह कि राजस्व कर्मचारी ने शादी कराने के बाद गुरूजी की पहली पत्नी को लगे हाथ इसका दस्तावेज भी थमा दिया है, जिसके लिए वह महीनों से सरकारी महकमें का चक्कर लगा रही थी।
पारिवारिक सूची के लिए सरकारी महकमे का चक्कर लगा रही थी मृत गुरूजी की पत्नी, दस्तावेज मिले तो उड़े होश
बताया जाता है कि प्रधानाध्यापक शंकर चौधरी के निधन के बाद उनकी पत्नी सिताबी देवी ने गोह अंचल कार्यालय में पारिवारिक सूची बनाने के लिए करीब एक माह पहले आवेदन दिया। आवेदन देने के बाद से सिताबी देवी पारिवारिक सूची को लेकर लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाती रही, लेकिन राजस्व कर्मचारी कुछ न कुछ बहाना बनाकर टालता रहा। इसी दौरान गुरुवार को दोपहर बाद राजस्व कर्मचारी ने उसे जो पारिवारिक सूची बनाकर दी, उसमें शंकर चौधरी की पत्नी सिताबी देवी व दूसरी पत्नी का नाम सेम्फुल देवी दर्ज मिला। यानी कि पारिवारिक सूची में दो-दो पत्नियों का नाम दर्ज कर दिया गया। इस पारिवारिक सूची को देखते ही सिताबी देवी के होश उड़ गए। उसने अंचल कार्यालय में ही लोगों को पूरा मामला बताया। मामला जानकर अंचल अंचल कार्यालय में लोगो की भीड़ लग गई।
जिला पार्षद प्रतिनिधि ने की राजस्व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
लोगो की भीड़ देख वही पर मौजूद जिला पार्षद प्रतिनिधि श्याम सुंदर भी पहुंच गए। मामले से अवगत होने के बाद ने कहा कि बिना जांच किए ही राजस्व कर्मचारी ने शिक्षक की मौत के बाद उनकी दूसरी शादी करा दी है। उन्होंने मामले में औरंगाबाद के जिलाधिकारी से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरी महिला पहले से है शादीशुदा
राजस्व कर्मचारी ने जिस महिला का नाम पारिवारिक सूची में दूसरी पत्नी के तौर पर दर्ज किया है, वह पहले से ही शादीशुदा है। उसके पति का नाम शिव चौधरी है। मामले में मृत हेडमास्टर की पत्नी सिताबी देवी ने राजस्व कर्मचारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पति शंकर चौधरी के मरने के बाद मैंने मृत्यु प्रमाण बनवाया जिसमें पत्नी के रूप में मेरा ही नाम सिताबी देवी अंकित है। पारिवारिक सूची के लिए मैंने बने हुए मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ कोर्ट एफिडेविट भी जमा किया था, लेकिन राजस्व कर्मचारी ने मनमाने तरीके से दूसरी पत्नी का नाम दर्ज कर पारिवारिक सूची जारी कर दिया है।
जानिये किससे हुई स्वर्गलोक में दूसरी शादी
जिस महिला सेम्फुल देवी का नाम शंकर चौधरी की पत्नी के तौर पर राजस्व कर्मचारी ने दर्ज किया है, उस सेम्फुल देवी के पति शिव चौधरी का घर बन्देया थाना क्षेत्र के साव बिगहा गांव में है। वह फिलहाल देवकुंड में जमीन खरीदकर वही घर बना कर रह रहे है। उनके तीन बेटे और दो बेटियां है। इनमें सूरज कुमार, गोलू कुमार, चिंटू कुमार, केशम देवी व मीणा कुमारी शामिल है। पुत्र सूरज कुमार व पुत्री केशम देवी की शादी हो गई है।
सीओ ने नहीं उठाया फोन
इस सबंध में सीओ मुकेश कुमार से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नही उठाया।
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