[ad_1]

Pakistan parliamentary election, 2024
– फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt
विस्तार
पाकिस्तान में 8 फरवरी को चुनाव होने हैं। इन चुनावों में माहौल बनाने के लिए पाकिस्तान ने एक बार फिर से भारत के नाम का इस्तेमाल करना शुरू किया है। इसके लिए बाकायदा पाकिस्तान सरकार ने कश्मीर पर अपना पुराना प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू किया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने दुनिया के छह अलग-अलग दूतावासों और 14 पाकिस्तानी संगठनों के माध्यम से पांच फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस मनाने की तैयारी की है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान में होने वाले चुनाव में जब तक भारत और कश्मीर का जिक्र न हो, तब तक उनके चुनावों में माहौल ही नहीं बनता है। यही वजह है कि पाकिस्तानी सेना ने ‘लंदन प्लान’ के बाद भी अपना प्रोपेगंडा फैलाना जारी रखा। इसके लिए बाकायदा पाकिस्तानी सेना ने अपने सोशल मीडिया हैंडलर्स का इस्तेमाल करना शुरू किया है।
पाकिस्तान में होने वाले चुनाव से तीन दिन पहले आईएसआई और पाकिस्तानी सेना ने भारत को लेकर एक बार फिर से साजिश रचनी शुरू की हैं। खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने पांच फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस मनाने के नाम पर माहौल बनाना शुरू किया है। ताकि 8 फरवरी को होने वाले पाकिस्तान के चुनाव में उसको फायदा मिल सके। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने छह दूतावासों को भी इसमें शामिल किया है। एक दूतावास में तो पाकिस्तान के मंत्री भी भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने वाले कार्यक्रम में शरीक हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के अमेरिकी दूतावास ने तो 5 फरवरी को अधिकारिक तौर पर छुट्टी की घोषणा तक कर दी। अमेरिका के लॉस एंजिल्स स्थित पाकिस्तान काउंसलेट जनरल में भी पाकिस्तान में आयोजित होने वाले चुनाव के मद्देनजर भारत का नाम लेकर अपनी अवाम को चुनावी माहौल में सक्रिय होने का प्लान बनाया है।
अमेरिका के अलावा कजाकिस्तान में भी पाकिस्तानी एंबेसी ने भारत और कश्मीर का नाम लेकर अपने देश में हो रहे चुनाव का माहौल बनाया है। खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बेल्जियम, प्राग और हंगरी में भी भारत और कश्मीर का जिक्र करके पाकिस्तानी चुनाव में पाकिस्तान सेना का एजेंडा आगे बढ़ाया है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान में होने वाले चुनावों में पाकिस्तान सेना का एजेंडा तब तक नहीं सधता, जब तक वह भारत और कश्मीर का जिक्र न करें। रिटायर्ड कैप्टन बृजेश झा कहते हैं कि वैसे तो पाकिस्तान में इस बार ‘लंदन प्लान’ के तहत बड़ी सियासी पिच तैयार की है। वह कहते हैं कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सियासी मैदान में उतरने की रणनीति को ही लंदन प्लान कहा जा रहा है। इसी लंदन प्लान के तहत ही नवाज शरीफ पाकिस्तान के सियासी मैदान में डटे हैं। लेकिन पाकिस्तानी सेना और वहां की अवाम में चुनावी मोमेंटम तब तक नहीं आता, जब तक भारत और कश्मीर का जिक्र न हो।
[ad_2]
Source link