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UP Politics: जयंत और भाजपा में सब तय! चार लोकसभा और एक राज्यसभा सीट से पश्चिम में BJP ऐसे साध रही समीकरण

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UP Politics: जयंत और भाजपा में सब तय! चार लोकसभा और एक राज्यसभा सीट से पश्चिम में BJP ऐसे साध रही समीकरण

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UP Politics: Deal between Jayant Chaudhary and BJP on four Lok Sabha and one Rajya Sabha seats

UP Politics: Jayant Chaudhary
– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार


समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोकदल को सात सीटें देकर गठबंधन को आगे बढ़ाने का इशारा किया था। लेकिन राष्ट्रीय लोकदल की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं हुई। अब चर्चा यह है कि जयंत चौधरी I.N.D.I गठबंधन को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिला कर एनडीए में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए सबसे बड़ा प्लेटफार्म चौधरी अजीत सिंह की प्रतिमा के अनावरण का बताया जा रहा है। छपरौली में आयोजित होने वाले प्रतिमा अनावरण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाने की बात हो रही है। फिलहाल पश्चिम की सियासत में अब कयास इसी बात के लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही जयंत चौधरी भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन समूह एनडीए में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए पश्चिम की चार लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ाने और एक राज्यसभा की सीट देकर राष्ट्रीय लोकदल को एनडीए में समायोजित करने की चर्चा हो रही है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार में भी शामिल होने की बात हो रही है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासत में एक बार फिर जबरदस्त हलचल मची हुई है। यह हलचल विपक्षी दलों के गठबंधन समूह I.N.D.I  गठबंधन से जयंत चौधरी के दूर जाने को लेकर मची है। सियासी जानकारों की मानें तो समाजवादी पार्टी की ओर से राष्ट्रीय लोकदल को दी गईं सात लोकसभा की सीटों पर सहमति नहीं बनी है। राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि समाजवादी पार्टी ने सात सीटें तो दे दीं, लेकिन उनमें से कुछ सीटों पर राष्ट्रीय लोकदल के चुनाव चिन्ह पर समाजवादी पार्टी अपने प्रत्याशी उतरना चाह रही है। इसे लेकर राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं समेत जयंत चौधरी नाखुश थे। सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी मुजफ्फरनगर, बिजनौर, कैराना और मथुरा की सीट पर लोक दल के चुनाव चिन्ह पर अपना प्रत्याशी उतारना चाह रही है।

सीट बंटवारे और समाजवादी पार्टी के अपने प्रत्याशियों को राष्ट्रीय लोकदल के खाते से चुनावी मैदान में उतारने की वजह से ही दोनों दलों के बीच में दूरी बढ़ने की खबरें आती रहीं। सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी ने जब राष्ट्रीय लोकदल को सात सीट देने का एलान किया, तो पार्टी ने भी इस पर न सिर्फ आपत्ति की, बल्कि सीटों को बढ़ाने का दावा बनाया। राष्ट्रीय लोकदल के नेता चाहते थे कि जो सीटें अखिलेश यादव ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उन्हें दी हैं, उसकी संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जाए। इस पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई सहमत नहीं जताई गई। सियासी जानकारों की मानें, तो इसी वजह से राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी के बीच हुए समझौते में दरार पड़ती हुई नजर आ रही है।

सूत्रों के मुताबिक के राष्ट्रीय लोकदल और भाजपा के बीच बहुत कुछ तय हो चुका है। सीटों के समझौते से लेकर सभी सियासी समीकरण और राजनीतिक गुणा गणित भी लगाई जा चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं में चर्चा इस बात की हो रही है कि छपरौली में चौधरी अजीत सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत कर सकते हैं। दरअसल इस प्रतिमा का अनावरण 12 फरवरी को होना था, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। जानकारों के मुताबिक प्रतिमा अनावरण के टाले जाने की प्रमुख वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों अनावरण की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौधरी अजीत सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर सकते हैं। ऐसी दशा में न सिर्फ राष्ट्रीय लोकदल, बल्कि भाजपा भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत सियासी दांव खेलकर आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक अगर राष्ट्रीय लोक दल और भाजपार्टी के बीच समझौता होता है, तो कैराना, मथुरा बागपत और अमरोहा लोकसभा सीटें राष्ट्रीय लोकदल के हिस्से आ सकती हैं। राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े नेताओं की मानें, तो इन चार लोकसभा सीटों के अलावा शुरुआती बातचीत में एक राज्यसभा की सीट भी राष्ट्रीय लोक दल के हिस्से में दिए जाने की बात भाजपा के साथ तय हो चुकी है। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि राष्ट्रीय लोकदल और भाजपा मिलकर चुनाव लड़ते हैं और अगली बार अगर सरकार बनती है, तो राष्ट्रीय लोकदल को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा गठबंधन की दशा में योगी सरकार की कैबिनेट में जगह देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी के बीच में तीन महत्वपूर्ण मुलाकातें भी हो चुकी हैं।






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