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मौनी अमावस्या उपाय
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Mauni Amavasya 2024: धर्मग्रंथों के अनुसार माघ मास में आने वाली मौनी अमावस्या को आत्मसंयम की साधना एवं पुण्य प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन कई सारे धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं, जिन्हें करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि पूजा-अर्चना के लिए यह दिन बेहद कल्याणकारी है। इसी दिन प्रजापति ब्रह्माजी ने मनु और शतरूपा को प्रकट करके सृष्टि की रचना की शुरुआत की थी, इसलिए यह तिथि सृष्टि की रचना के शुभारंभ के रूप में भी जानी जाती है, ऐसा शास्त्रों में वर्णित है। इस दिन मौन धारण करके स्नान, दान, तप एवं शुभ आचरण करने से उपासक को मुनिपद की प्राप्ति होती है। इस दिन कुछ धार्मिक उपाय करने से दुःख दूर होते हैं, व्यक्ति पुण्य का भागी बनता है।
Mauni Amavasya 2024: मौनी अमावस्या के दिन बन रहा शुभ योग, जानिए स्नान-दान और पूजा का महत्व
स्न्नान
शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन सभी पवित्र नदियों और पतितपाविनी माँ गंगा के जल में भगवान विष्णु का वास होता है, पवित्र नदियों का जल अमृततुल्य हो जाता है।इस दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल मिलता समान है। यदि किसी व्यक्ति की सामर्थ्य त्रिवेणी के संगम अथवा अन्य किसी तीर्थ स्थान पर जाने की नहीं है तब उसे अपने घर में ही प्रात: काल उठकर सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि करना चाहिए,गंगा जल ग्रहण करे।
मौन व्रत
मौन रहकर साधना करने का दिन है मौनी अमावस्या।इस दिन स्नान करते हुए मौन धारण करें और श्री हरि का जाप करने तक मौन व्रत का पालन करें,इससे मन की शुद्धि होती है एवं आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है।इस तिथि को मौन एवं संयम की साधना,स्वर्ग एवं मोक्ष देने वाली मानी गई है।
पितरों को तर्पण
पितरों का आशीर्वाद और उनकी कृपा पाने के लिए मौनी अमावस्या बहुत श्रेष्ठ तिथि मानी गई है। पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए इस दिन लोटे में जल में काले तिल और लाल फूल मिलाकर पितरों का स्मरण करते हुए सूर्यदेव को अर्पण करें। इस दिन पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए ब्राह्मणों को घर बुलाएं और आदर के साथ उन्हें भोजन कराएं और दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें।इस दिन गाय, कुत्ते,चींटी और कौए को भोजन अवश्य कराना चाहिए, ऐसा करने से भी पितृ प्रसन्न होंगे।
Mauni Amavasya 2024: मौनी अमावस्या पर क्या करें और क्या नहीं? जानें यहां
दान करें
मौनी अमावस्या के दिन जो कोई भी व्यक्ति आपके घर दान-दक्षिणा लेने आए उसे खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए। आप जितना दान या दक्षिणा देने में समर्थ हों उतना जरूर करें। साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अगर इस दिन आपके घर कोई भूखा व्यक्ति खाना मांगते हुए आता है तो उसे खाने के लिए मना नहीं करना चाहिए। इस दिन व्यक्ति को भगवान् विष्णु के मंत्रों का जप व पीपल की पूजा अवश्य करनी चाहिए,ऐसा करने से मनुष्य के कष्ट दूर होते हैं लक्ष्मीजी की कृपा बनी रहती है।
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