Home World PM मोदी ने पहले पांव छुए.. फिर खुद हाथ थामकर मंदिर के अंदर ले गए, कौन हैं महंत स्वामी महाराज?

PM मोदी ने पहले पांव छुए.. फिर खुद हाथ थामकर मंदिर के अंदर ले गए, कौन हैं महंत स्वामी महाराज?

0
PM मोदी ने पहले पांव छुए.. फिर खुद हाथ थामकर मंदिर के अंदर ले गए, कौन हैं महंत स्वामी महाराज?

[ad_1]

Modi Inaugurated Abu Dhabi Mandir: संयुक्त अरब अमीरात स्थित अबू धाबी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदू मंदिर का उद्घाटन कर दिया है. यह मंदिर बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के सहयोग से बनाया गया है. उद्घाटन के बाद पीएम ने वैश्विक आरती में भी हिस्सा लिया, यह आरती दुनियाभर में BAPS के 1500 मंदिरों में एक-साथ हुई. इस मंदिर को बनवाने का जिम्मा बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के महंत स्वामी महाराज ने ही उठाया था और करीब सात सौ करोड़ की लागत से बना यह भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया. उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने महंत स्वामी महाराज के पैर छुए.. गले लगाया और फिर खुद हाथ थामकर उन्हें मंदिर के अंदर ले गए. आइए इनके बारे में जानते हैं.

असल में स्वामी केशवजीवनदासजी उर्फ महंत स्वामी महाराज इस समय बीएपीएस के छठें आध्यात्मिक गुरु के पद पर हैं. 1933 में मध्य प्रदेश के जबलपुर में उनका जन्म वीनू पटेल के रूप में हुआ था. लंबे समय से इनके परिवार की जड़ें गुजरात से जुड़ी हुई थीं. इनकी माता का नाम दहिबेन और पिता का नाम मणिभाई नारायणभाई पटेल था. छात्र जीवन के दौरान ही 1951-52 में वह महंत स्वामी महाराज बीएपीएस संस्था के ब्रह्मस्वरूप शास्त्रीजी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी योगीजी महाराज के संपर्क में आए और वहीं से उनका सफर शुरू हुआ था.

बीएपीएस (BAPS) के छठें आध्यात्मिक गुरु
उनकी पढ़ाई लिखाई भी जबलपुर से शुरू हुई थी. 12वीं की पढ़ाई जबलपुर के क्राइस्ट चर्च बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की थी. पढ़ाई के बाद, महंत स्वामी महाराज अपने मूल शहर गुजरात के आणंद आ गए. यहां उन्होंने कृषि महाविद्यालय में एडमिशन लिया और अपनी पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही महंत स्वामी महाराज जी की मुलाकात ब्रह्मस्वरूप शास्त्रीजी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी योगीजी महाराज से हुई थी. उनकी संगत में धीरे-धीरे उन्होंने आध्यात्म का रास्ता चुन लिया.

महंत स्वामी महाराज आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी
महंत स्वामी महाराज लंबे समय से पूरी दुनिया की यात्रा कर रहे हैं. अगस्त 2016 को संस्था के पूर्व प्रमुख स्वामी महाराज के निधन के बाद महंत स्वामी ने भगवान स्वामीनारायण की ‘गुणातीत परंपरा’ परंपरा में वे छठे गुरु की भूमिका में आ गए. इस समय महंत स्वामी महाराज भक्तों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं और बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था की वैश्विक सामाजिक-आध्यात्मिक गतिविधियों की देखरेख करते हैं. ये संस्था दुनियाभर में मंदिरों का निर्माण कर रही है. 

पीएम मोदी के सहयोग से सपना साकार
कहा जा रहा है कि बीते कई साल से महंत स्वामी महाराज अबू धाबी में मंदिर बनाने का सपना देख रहे थे जो पीएम मोदी के सहयोग से जाकर साकार भी हो गया. पीएम मोदी के ही कहने से यूएई के अबू धाबी में इस विशाल मंदिर के लिए जमीन यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दान में दी है. हालांकि यह मंदिर अबूधाबी शहर से करीब पचास किमी दूर पर बनाया गया है लेकिन भव्य तरीके से बनाया गया है. इसकी ऊंचाई 32.92 मीटर , लंबाई 79.86 मीटर और चौड़ाई 54.86 मीटर है. मंदिर के बाहरी हिस्से में 96 घंटियां लगाई गई हैं और मंदिर में सात शिखर हैं. 

पीएम ने उनके पैर छुए और..
मंदिर को बनाने में करीब 700 करोड़ रुपए का खर्च आया है. इसके निर्माण में ज्यादातर पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. मंदिर में स्थापित होने वाली मूर्ति बनाने के लिए ज्यादातर पत्थर भारत से ही भेजे गए हैं. पीएम मोदी जब मंदिर का उद्घाटन करने पहुंचे तो पीएम का स्वागत फूलों की माला पहनाकर किया गया. इस दौरान स्वामी महाराज भी अपने शिष्यों के साथ मौजूद रहे. पीएम ने उनके पैर छुए और उनका हाथ थामकर मंदिर के अंदर भी ले गए. पीएम मोदी खुद भी BAPS संस्था से लंबे समय से जुड़े हुए हैं. वे स्वामी महाराज का काफी सम्मान करते हैं.

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here