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Naya Yatra Congress
– फोटो : अमर उजाला
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देश और दुनिया में सनातन संस्कृति का डंका बजाने वाली बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को साफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेला। कांग्रेस नेता ने अपने दिन की शुरुआत पड़ाव में गंगा किनारे अघोरेश्वर महाप्रभु को पुष्पांजलि अर्पित कर की। इसके बाद वह बाबा कालभैरव को प्रणाम करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद गले में रुद्राक्ष की माला डाले हुए राहुल गांधी ने मां गंगा को प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। काशी पूर्वांचल की सियासत का गढ़ भी है। कांग्रेस यह जानती है कि भाजपा के गढ़ काशी में उसके लिए सेंध लगा पाना आसान काम नहीं है। इसके बावजूद कांग्रेस पूर्वांचल के रास्ते ही दिल्ली की राह सुगम बनाना चाहती है।
सियासी जानकारों का कहना है कि चंदौली के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर गंगा किनारे रात्रि प्रवास और फिर उसके अगले दिन काशी में दर्शन-पूजन कर गोदौलिया चौराहे पर 13 मिनट के संबोधन के राहुल गांधी के कार्यक्रम की रूपरेखा अचानक नहीं बनी थी। बल्कि, यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी।
इसके जरिये पूर्वांचल व उससे सटे बिहार के लोकसभा क्षेत्रों की जनता को भी सार्थक संदेश देने का प्रयास किया गया। इसके अलावा अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने काशी और पूर्वांचल की जनता से आत्मीय भाव जोड़ने के लिए कहा कि मैं मां गंगा के सामने सिर झुकाकर आया हूं।
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