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व्लादिमीर पुतिन, बेंजामिन नेतन्याहू
– फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विश्व की महाशक्तियों के सितारे आपस में टकरा रहे हैं। वर्चस्व की इस लड़ाई में विकासशील देशों के सामने खुद को संभालने की चुनौती बढ़ती जा रही है। इसका असर जापान जैसी विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। जापान तीसरे नंबर से खिसक गया और उसका स्थान जर्मनी ने लिया है। हालांकि, भारत जैसे देश के सामने ईंधन, तेल जैसी मांग के लिए वेनेजुएला जैसे दूसरे विकल्प खड़े हो गए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ‘ऑयल डिप्लोमेसी’ को लेकर दुनिया को खुलकर सुना भी देते हैं, लेकिन घटती वैश्विक मांग आर्थिक विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाने लगी है। एक बड़ी आर्थिक मंदी आने का संकेत दे रही है।
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