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अगर विदेश जाकर बच्‍चे पैदा करें, तो क्‍या उसे मिल जाती है वहां की नागरिकता

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अगर विदेश जाकर बच्‍चे पैदा करें, तो क्‍या उसे मिल जाती है वहां की नागरिकता

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विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर माता-पिता बने हैं. विराट ने इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट में बताया कि अनुष्का शर्मा ने लंदन में बेटे को जन्म दिया है. बेटे का नाम अकाय रखा गया है. विराट और अनुष्का की एक बेटी भी है, जिसका नाम वामिका है. इसके बाद काफी लोग ये सवाल पूछ रहे हैं कि क्‍या विराट-अनुष्‍का के बेटे अकाय को ब्रिटेन में जन्‍म लेने के आधार पर वहां की नागरिकता मिल जाएगी. ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्‍योंकि कई देशों में ‘राइट ऑफ सॉइल’ के आधार पर जन्‍म लेने के साथ ही वहां की नागरिकता मिल जाती है. इस सवाल का जवाब जानने के लिए पहले जानते हैं कि अगर आप विदेश जाकर बच्‍चे पैदा करें तो क्‍या उसे वहां की नागरिकता मिल जाती है?

बच्‍चों की नागरिकता के मामले में पूरी दुनिया में दो नियम लागू होते हैं. पहला नियम ‘राइट ऑफ सॉइल’ कहता है कि बच्चे का जन्म जिस देश में हुआ है, उसे वहां का नागरिक बन जाता है. वहीं, दूसरे नियम ‘राइट ऑफ ब्लड’ के तहत बच्चे के माता और पिता जिस देश के नागरिक होते हैं, उसको उसी देश का नागरिक माना जाता है. अमेरिका समेत कई देश हैं, जो राइट ऑफ सॉइल को प्राथमिकता देते हैं. ऐसे देशों में जन्‍म लेने वाले हर बच्‍चे को खुद-ब-खुद उस देश की नागरिकता मिल जाती है. ऐसे देशों के इसी नियम के कारण बर्थ टूरिज्म की शुरुआत हुई थी. दुनियाभर में अमेरिका समेत 30 देशों में बर्थ राइट सिटिजनशिप को माना जाता है.

क्‍या विराट-अनुष्‍का के बेटे को मिलेगी ब्रिटिश नागरिकता
सबसे पहले बात करते हैं कि विराट कोहली के बेटे को ब्रिटेन की नागरिकता मिलेगी या नहीं. बता दें कि सामान्‍य तौर पर हर व्यक्ति को जन्‍म वाले देश का नागरिक ही माना जाता है. हालांकि, इसके लिए ये भी जरूरी होता है कि उसके माता और पिता में कोई एक या दोनों उसी देश के नागरिक होने चाहिए. अनुष्का शर्मा और विराट कोहली भारत के नागरिक हैं. दोनों केवल बेहतर चिकित्सा संसाधनों के चलते बेटे को जन्म देने के लिए लंदन गए थे. इसलिए वहां जन्म के बावजूद उनके बेटे अकाय को ब्रिटेन की नागरिकता नहीं मिलेगी. अकाय को अगर ब्रिटेन की नागरिकता चाहिए तो उसे वहां के नियमों का पालन करना होगा.

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दूसरे देशों में जाकर बच्‍चों को जन्‍म देना बर्थ टूरिज्‍म कहलाता है. ऐसे बच्‍चों को कुछ देशों को छोड़कर जन्‍म वाले ज्‍रूादातर देश की नागरिकता नहीं मिलती है.

ब्रिटेन की नागरिकता पाने के लिए क्‍या हैं नियम
ब्रिटेन में नागरिकता नियमों के तहत कोई भी व्‍यक्ति लगातार पांच साल वैध वीजा पर रहने के बाद नागरिकता आवेदन कर सकता था. फिर अंग्रेजी और ब्रिटेन के आम जीवन से जुड़े सामान्य ज्ञान की परीक्षा देनी पड़ती थी. हालांकि, बाद में नियमों में बदलाव किया गया. नए नियमों के मुताबिक, वैध वीजा पर पांच साल रहने के बाद भी लोगों को अस्थायी नागरिकता ही दी जाती है. पक्‍की नागरिकता के लिए लोगों को ब्रिटेन के प्‍वाइंट सिस्‍टम से गुजरना पड़ता है. इसके तहत आवेदक को अलग-अलग मुद्दों पर अंक दिए जाते हैं. किसी नियम के पालन में नाकाम रहे तो अंक काट लिए जाते हैं. फिर जरूरी अंक हासिल करने पर नागरिकता स्थायी हो जाती है. ब्रिटिश नागरिक से शादी करने पर नागरिकता पाना आसान हो जाता है.

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बच्‍चों को अमेरिका की नागरिकता कैसे मिलती है
अमेरिका 19वीं सदी में ही राइट ऑफ सॉइल के तहत अपने यहां जन्मे बच्चों को अपना नागरिक मानने लगा था. कनाडा, अर्जेंटिना, बोलिविया, फिजी, ग्वाटेमाला, क्यूबा, इक्‍वाडोर और वेनेजुएला समेत कई देश अपने यहां पैदा होने वाले बच्‍चों को इसी नियम के तहत नागरिकता देते हैं. कई गरीब या युद्धग्रस्‍त देशों के लोग राइट ऑफ सॉइल के नियम वाले देशों का रुख कर लेते हैं. फिर वहीं बच्‍चों को जन्‍म देते हैं. इससे उनके बच्‍चों को उस देश की नागरिकता मिल जाती है और उनका भविष्‍य सुरक्षित हो जाता है. ऐसे बच्‍चों को एंकर बेबी कहा गया. एक समय ऐसा भी आया, जब अमेरिका इस नियम के कारण मुश्किल में आ गया था.

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एंकर बेबीज पर क्‍यों सख्‍त हुआ था अमेरिका
प्यू रिसर्च सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 के दौरान 2.50 लाख से ज्यादा घुसपैठियों के बच्चों ने अमेरिका में जन्म लिया. वहीं, 2006 में ये आंकड़ा करीब 3.35 लाख था. अमेरिका ने 2007 से ही एंकर बेबीज को लेकर सख्‍त रुख अपनाना शुरू कर दिया था. तब अमेरिका ने ऐसे बच्‍चों के माता-पिता के सामने विकल्प रखा कि वे या तो बच्चों को लेकर अपने देश लौट जाएं या बच्चे को वहीं छोड़ दें. अगर वे बच्‍चों को छोड़ देते थे तो उन्‍हें फॉस्टर केयर में रखा जाने लगा. जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल करीब 1.5 लाख नागरिक एंकर बेबीज के मा-पिता को उनके देश लौटाया जाता है.

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बच्‍चों को नागरिकता के लिए ज्‍यादातर देशों में माता और पिता या दोनों में एक का जन्‍म वाले देश का नागरिक होना जरूरी है.

नागरिकता नियमों में कैसे मिलती है छूट
अमेरिका की नागरिकता पाने के लिए कम से कम पांच साल वैध स्थायी निवासी होना जरूरी है. कुछ विशेष प्रावधानों के तहत कुछ लोगों को आसानी से नागरिकता मिल जाती है. इनमें अगर आप किसी अमेरिकी से शादी कर लेते हैं तो नागरिकता पाना आसान हो जाता है. वहीं, अगर कोई व्यक्ति वहां की सेना में रहा है तो उसे भी नागरिकता नियमों में छूट मिल जाती है. अमेरिका में जन्मा बच्चा 21 साल का होने पर ही माता-पिता के ग्रीन कार्ड का आवेदन कर सकता है. उसे साबित करना होगा कि वह आर्थिक तौर पर मजबूत है. उसके पेरेंट्स अमेरिकी लोगों पर बोझ नहीं बनेंगे. ग्रीन कार्ड मिलने के बाद भी उसके माता-पिता नागरिकता के लिए पांच साल बाद ही आवेदन कर सकते हैं.

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कनाडा में 1095 दिन रहना है जरूरी
कनाडा की नागरिकता के लिए भी वहां कम से कम पांच साल में 1,095 दिन गुजारने होते हैं. इसमें भी पांच साल में जितने दिन आप कनाडा में फिजिकली रहे हैं, उतने ही दिनों को गिना जाएगा. इसके अलावा कम से कम दो साल तक स्थायी तौर पर वहां रहना जरूरी है. आप जिन पांच साल में कनाडा में रहने का दावा कर रहे हैं, उनमें कम से कम तीन साल तक आपको वहां टैक्स भी भरना होगा. कनाडा की नागरिकता के लिए ये भी जरूरी है कि आप पर कोई क्रिमिनल केस ना हो. इसके अलावा कनाडा के नागरिक कर्तव्यों की जानकारी, भूगोल, इतिहास और राजनीतिक ढांचे की समझ भी होना जरूरी है. आपकी उम्र 18 से 54 साल के बीच होनी चाहिए. साथ ही आपको अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा की जानकारी का सर्टिफिकेट भी देना होता है.

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बच्‍चों को भारत में कैसे मिलती है नागरिकता
भारत में भी जन्म के आधार पर नागरिकता दी जाती है. कानून के मुताबिक, 26 जनवरी 1950 के बाद और 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे लोग भारतीय नागरिक कहलाएंगे. उस समय के लिए निर्देश है कि माता-पिता की नागरिकता के स्थान से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. वहीं, 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे बच्‍चों के माता या पिता में कोई भी भारत का नागरिक है, तो वह भी भारतीय नागरिक होगा. इसके अलावा 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे बच्‍चे के माता-पिता दोनों भारतीय नागरिक हैं या कम से कम एक भारतीय नागरिक है और दूसरा अवैध प्रवासी नहीं है, तो बच्चा भारतीय नागरिक होगा. वहीं, कई देशों की नागरिकता पाने के लिए बच्चे के माता और पिता दोनों को उसी देश का नागरिक होना जरूरी होता है.

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