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– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
विस्तार
बीएसएफ के नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर में एक बड़ा मामला सामने आया है। बल की एक टीम, जिसमें कई अफसर और जवान शामिल थे, उन्होंने बीएसएफ की इकाई (पतिराम), दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल में कार्यरत, डिप्टी कमांडेंट दिलीप कुमार पासवान के क्वार्टर पर रेड डाली। रात को करीब एक बजे तक सर्च चलती रही। जब पासवान और उनकी पत्नी ने सर्च वारंट या दूसरे कानूनी दस्तावेज दिखाने के लिए कहा, तो टीम के सदस्यों ने उन्हें धमकी दी। डिप्टी कमांडेंट दिलीप कुमार पासवान की पत्नी निवेदिता स्वराज ने इस घटना की शिकायत पतिराम पुलिस स्टेशन में दी है।
अमर उजाला को मिली शिकायत की प्रति के मुताबिक बीएसएफ की इकाई (पतिराम), दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल में कार्यरत, डिप्टी कमांडेंट दिलीप कुमार पासवान की पत्नी निवेदिता स्वराज ने पतिराम पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। पासवान इस वक्त बीएसएफ की ‘जी’ शाखा यानी ‘खुफिया’ इकाई, जो पतिराम टीम में तैनात है, वहां पर कार्यरत हैं। यह इकाई स्टेट हेड क्वार्टर रायगंज के तहत आती है। निवेदिता द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि 14 फरवरी को रात दस बजे बीएसएफ के नॉर्थ बंगाल फंटियर से कुछ अफसर उनके घर पहुंचे। इनमें कमांडेंट विजय कुमार सिंह, बीएन राउत टूआईसी और डीसी दीपेंद्र सिंह सहित करीब दर्जनभर जवान भी शामिल थे। उन्होंने जबरदस्ती सरकारी क्वार्टर में प्रवेश किया था। बतौर निवेदिता स्वराज, घटना के समय वे मेरे पति डिप्टी कमांडेंट दिलीप पासवान, क्वार्टर पर ही थे। वह खुद जीओ मैस में थीं। जैसे ही उन्हें पता चला कि उनके क्वार्टर पर रेड हो रही है, तो वे तुरंत वहां पहुंची। बीएसएफ की टीम वहां पर सर्च कर रही थी।
अलमारी से लेकर बैड तक, घर का कोना-कोना छान मारा। उन्होंने हमें एक कोने में बैठा दिया। किसी से कोई संपर्क नहीं करने दिया। बीएसएफ टीम ने हमारे मोबाइल फोन छीन लिए। हमारी निजता का ध्यान नहीं रखा गया। निवेदिता ने अपनी शिकायत में बताया, मेरे पति ने बीएसएफ टीम से इस तरह के सर्च का आधार पूछा। कमांडेंट विजय कुमार सिंह ने दिलीप पासवान को बताया कि यह रेड पूर्वी कमांड हेडक्वार्टर के आईजी ‘ऑप्स’ सुरजीत सिंह गुलेरिया के निर्देश पर हो रही है। उन्होंने पासवान को बताया कि हमारे पास ऐसी सूचना है कि उनके क्वार्टर में कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं मौजूद हैं। उसमें कैश भी शामिल है। जब शिकायतकर्ता और उनके पति ने बीएसएफ सर्च का विरोध किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। जब उनके पति ने सर्च का कोई आधिकारिक दस्तावेज, वारंट दिखाने के लिए कहा तो उनके साथ अंससदीय भाषा का इस्तेमाल किया गया। इससे डिप्टी कमांडेंट दिलीप पासवान और उनकी पत्नी को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
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