Home Breaking News Pakistan: बगावत पर उतरी इमरान खान की पार्टी, मरयम नवाज को सीएम मानने से किया इनकार, आरोप- चोरी किया जनादेश

Pakistan: बगावत पर उतरी इमरान खान की पार्टी, मरयम नवाज को सीएम मानने से किया इनकार, आरोप- चोरी किया जनादेश

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Pakistan: बगावत पर उतरी इमरान खान की पार्टी, मरयम नवाज को सीएम मानने से किया इनकार, आरोप- चोरी किया जनादेश

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मरियम नवाज और इमरान खान
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई बगावती तेवर दिखा रही है। दरअसल पीटीआई ने मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए पंजाब असेंबली का समानांतर सत्र बुलाने की योजना बनाई है। इस समानांतर सत्र में सीएम, स्पीकर और डिप्टी सीएम का चुनाव किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब असेंबली में मरयम नवाज को सीएम चुन लिया गया है, लेकिन पीटीआई का दावा है कि मरयम नवाज ‘चोरी किए गए जनादेश’ से सीएम बनी हैं।

पीटीआई ने लगाए गंभीर आरोप

पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की नेता मरयम नवाज इतिहास रचते हुए पंजाब की पहली महिला सीएम चुनी गईं थी। पंजाब विधानसभा में 327 सीटें हैं और सीएम बनने के लिए आधी यानी कि 187 वोटों की जरूरत थी। मरयम नवाज को 220 वोट मिले थे। मरयम नवाज ने पीटीआई समर्थित सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल के उम्मीदवार राणा आफताब को हराया। सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल के सदस्यों ने असेंबली की कार्यवाही का बहिष्कार किया, जिसकी वजह से राणा आफताब को कोई वोट नहीं मिला था। 

अब पीटीआई ने पंजाब असेंबली का समानांतर सत्र बुलाने की योजना बनाई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि असेंबली के 250 सदस्य शामिल हो सकते हैं। पीटीआई नेता शौकत बसरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पंजाब असेंबली के आधे से ज्यादा सदस्य, जिनमें खुद मरयम नवाज भी शामिल हैं, वो चोरी किए गए जनादेश से असेंबली पहुंचे हैं। शौकत बसरा ने दावा किया कि मरयम नवाज पीटीआई समर्थित उम्मीदवार मेहर शराफत से हार रहीं थी, लेकिन बाद में उन्हें जिता दिया गया। पीटीआई नेता ने दावा किया कि चुनाव में धांधली से देश में अराजकता फैल सकती है। 

‘हारी हुई महिला को सत्ता सौंपी’

कांग्रेस और इसके वामपंथी सहयोगियों की सिर्फ एक प्राथमिकता है और वो है अपने परिवार को बढ़ावा देना। इनके लिए परिवार का कल्याण भारतीयों के कल्याण से ज्यादा अहम है। हर कोई जानता है कि एलडीएफ और यूडीएफ ने केरल में शिक्षा व्यवस्था तैयार की है और राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा में कितनी परेशानी होती है, ये भी सभी जानते हैं। तीसरे कार्यकाल में हम केरल के शिक्षण संस्थानों के विकास के लिए काम करेंगे, जिससे गरीबों और मध्यम वर्ग को मदद मिल सके। 

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