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भारत अमेरिका
– फोटो : सोशल मीडिया
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भारत और अमेरिका के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। यह सहयोग अब न सिर्फ सैन्य और तकनीक के स्तर पर है बल्कि खुफिया सूचनाओं के स्तर पर भी मजबूत हो रहा है। इसी सहयोग को और मजबूत करने के लिए अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी का एक प्रतिनिधिमंडल इन दिनों भारत दौरे पर है। बुधवार को अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी के प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की, जिसमें आंतरिक सुरक्षा, खुफिया सूचनाओं को साझा करने और खालिस्तान समर्थक तत्वों को लेकर जानकारी साझा करने की चर्चा हुई। भारतीय दल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के सचिव अजय भल्ला ने किया। वहीं होमलैंड सिक्योरिटी के सचिव ने अमेरिकी दल का नेतृत्व किया।
ऑनलाइन कट्टरपंथ, साइबर अटैक को लेकर हुई बात
गृह मंत्रालय और होमलैंड सिक्योरिटी के बीच हुई बैठक में ऑनलाइन कट्टरपंथी कंटेंट, साइबर अटैक, डिजिटल धांधली संबंधी खुफिया सूचनाएं साझा करने पर भी बात हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका की धरती पर खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों का मुद्दा उठाया। साथ ही अमेरिका में खालिस्तान समर्थकों द्वारा भारत में अलगाववादी तत्वों को फंडिंग करने का मामला उठाया। दोनों पक्षों की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका में खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश के मामले का खुलासा हुआ है। अमेरिका ने इस मामले में भारत से कार्रवाई की मांग की है।
भारत ने महावाणिज्य दूतावास पर हमले का मुद्दा उठाया
भारत ने भी होमलैंड सिक्योरिटी की टीम के सामने सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूतावास पर अलगाववादी तत्वों द्वारा किए गए हमले का मामला उठाया। एनआईए का कहना है कि भारतीय महावाणिज्य दूतावास पर हमले में 50 से ज्यादा लोगों की पहचान हुई है। साथ ही भारत मुंबई हमले के आरोपी तहाव्वुर हुसैन राणा के भारत प्रत्यर्पण की भी कोशिश कर रहा है। इस मुद्दे पर भी दोनों पक्षों में बातचीत हुई। इनके अलावा आतंकरोधी सहयोग, साइबर सिक्योरिटी, सीमापार अवैध पलायन, प्रत्यर्पण, हवाई सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और अन्य मुद्दों पर भी जानकारी साझा करने को लेकर बात हुई। भारत और होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग्स की पिछली बैठक जनवरी 2022 में हुई थी।
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