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धर्मशाला. भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है. भारत ने सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है फिर भी धर्मशाला टेस्ट पर सबकी नजर है. हैदराबाद में सीरीज का पहला मैच हारने के बाद रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए जीत की हैट्रिक लगाई. सीरीज का 5वां और आखिरी मुकाबला स्पिनर आर अश्विन के लिए बेहद खास होने जा रहा है.
भारत के सीनियर आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मंगलवार को कह कि इंग्लैंड के खिलाफ 2012 की सीरीज उनके करियर का निर्णायक मोड़ थी. जिससे उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने में मदद मिली. इंग्लैंड ने वह सीरीज 2-1 से जीती थी जो भारत में 1984-85 के बाद सीरीज में उसकी पहली जीत थी. अश्विन ने अपने सौवे टेस्ट मैच से पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ इंग्लैंड के खिलाफ 2012 की सीरीज मेरे लिये निर्णायक मोड़ थी. इसने मुझे बताया कि मुझे कहां सुधार करना है.’’
इंग्लैंड के खिलाफ सात मार्च से शुरू हो रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट के जरिये अश्विन अपने कैरियर के सौ टेस्ट पूरे करेंगे. उन्होंने इस बारे में कहा ,‘‘ यह बड़ा मौका है. गंतव्य से ज्यादा सफर खास रहा है. मेरी तैयारी में इससे कोई बदलाव नहीं आया है. हमें टेस्ट मैच जीतना है.’’
2012 series against England was the turning point for me. It taught me what to correct in my game: R Ashwin ahead of his 100th Test#INDvsENG #INDvsENGTest pic.twitter.com/WuJBXsvLSf
— Press Trust of India (@PTI_News) March 5, 2024
करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ बर्मिंघम में 2018-19 में मेरे टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ स्पैल रहा.’’
हाल ही में 500 टेस्ट विकेट पूरे करने वाले अनिल कुंबले के बाद दूसरे भारतीय गेंदबाज बने अश्विन ने 2011 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था ।
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Tags: India Vs England, R ashwin
FIRST PUBLISHED : March 5, 2024, 14:09 IST
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