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– फोटो : Social Media
म्यांमार शरणार्थियों के पहले जत्थे को मणिपुर से निर्वासित कर दिया गया है। सात नागरिकों का समूह 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद मणिपुर में दाखिल हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सात विदेशी नागरिकों को इंफाल हवाईअड्डे से टेंग्नौपाल जिले के सीमावर्ती शहर मोरेह तक एक हेलीकॉप्टर ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें म्यांमार के अधिकारियों को सौंप दिया गया। अगले कुछ दिनों में 55 महिलाओं और पांच बच्चों सहित कुल 77 म्यांमार नागरिकों को निर्वासित किया जाएगा। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने एक्स पर कहा कि भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले म्यांमार के नागरिकों के पहले जत्थे को आज निर्वासित कर दिया गया।
अलग राज्य की मांग को लेकर पूर्वी नागालैंड में 12 घंटे का बंद
नागालैंड के पूर्वी क्षेत्र के छह जिलों में शुक्रवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य के पूर्वी छह जिलों को मिलाकर एक नया राज्य बनाया जाए। ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) ने अपने आदिवासी निकायों और फ्रंटल संगठनों के साथ मिलकर बंद का आह्वान किया था।
अपनी पार्टी के अध्यक्ष ने पीएजीडी को बताया धोखा
अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने शुक्रवार को कहा कि पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) एक धोखा था, जो अब उजागर हो गया है। बुखारी ने संवाददाताओं से कहा कि हमने चार साल पहले कहा था कि गठबंधन एक धोखा है। उन्हें लगता है कि लोग भूल गए हैं कि उन्होंने 72 साल तक क्या किया। गौरतलब है कि पीएजीडी पांच राजनीतिक दलों का एक गठबंधन है, जो जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति की बहाली की मांग कर रहा है। जिसे केंद्र ने 2019 में रद्द कर दिया था।
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