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Myanmar: म्यांमार में हवाई हमले में मारे गए 25 रोहिंग्या, यूएन प्रमुख ने लगातार बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता

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Myanmar: म्यांमार में हवाई हमले में मारे गए 25 रोहिंग्या, यूएन प्रमुख ने लगातार बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता

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air strike in myanmar several killed un Secretary General Antonio Guterres decries violence

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस।
– फोटो : ANI (फाइल फोटो)

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पश्चिमी म्यांमार में सैन्य हवाई हमले में बच्चे समेत अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम के 25 सदस्य मारे गए। एक स्थानीय मीडिया ने इस घटना की जानकारी दी है। इस हमले पर संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार की सुबह को हुए इस हवाई हमले में रखाइन राज्य में मिनब्या टाउनशिप के उत्तर में स्थित थाडा गांव को निशाना बनाया गया था। 

यूएन प्रमुख ने जताई चिंता

इस सैनय हवाई हमले में कम से कम अन्य 25 लोग घायल भी हुए हैं। सैन्य सरकार ने अबतक इस हमले पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले पर दुख जताया है। उन्होंने म्यांमार की बिगड़ती स्थिति और बढ़ते संघर्ष पर चिंता व्यक्त की है। गुटेरस के उप प्रवक्ता ने कहा कि यूएन प्रमुख सभी प्रकार की हिंसा की निंदा करते हैं और नागरिकों की सुरक्षा और हिंसा को समाप्त करने के लिए लिए अपने आह्वान को दोहराया।

फरवरी 2021 में आंग सान सू की से सरकार छीनने के बाद से ही म्यांमार की सेना अपने शासक के खिलाफ व्यापक सशस्र संघर्ष का मुकाबला करने के लिए हवाई हमलों में तेजी ला रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सेना के 2021 में अधिग्रहण के बाद से 1,652 हवाई हमलों में 936 नागरिक मारे गए और 878 घायल हो गए। वहीं इन हवाई हमलों में 137 धार्मिक इमारते, 76 स्कूल और 28 अस्पताल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। 

मरने वालों में छह बच्चे भी शामिल

थाडा का रोहिंग्या गांव म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले से 340 किलोमीटर दूर है। यहां करीबन 90 पीसदी लोग बौद्ध हैं। थाडा के पास दो गांवों ने बताया कि सोमवार को करीबन रात के 1:30 बजे दो बम गिराया गया था। जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में छह बच्चे भी शामिल हैं। गांववालों ने बताया कि पीड़ितों में वे लोग भी शामिल हैं जो युद्ध के दौरान आस-पास के गांवों में भाग गए थे। 

बता दें कि रोहिंग्या अल्पसंख्यकों को बौद्ध बहुल देश म्यांमार लंबे समय से ही प्रताड़ित किया जा रहा है। करीबन 74,000 रोहिंग्या म्यांमार से भागकर बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में चले गए। बौद्ध रखाइनन, रखाइन का बहुसंख्यक जातीय समूह है, जिसे इसके पुराने नाम अराकान से भी जाना जाता है। अन्य जातीय समूहों की तरह रखाइन भी केंद्र सरकार से अधिक स्वायत्ता की मांग कर रही है। 

पिछले साल नवंबर से ही हथियारों से लैस अराकान सेना रखाइन में सेना की चौकियों पर हमले कर रही है। उन्होंने पिछले तीन-चार महीनों में दो शहरों और पांच टाउनशिप में सैन्य ठिकानों में कब्जा करने का दावा किया है। 

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