Home Breaking News Mahakal Incident: गर्भगृह में कैसे लगी आग? जांच रिपोर्ट से खुलेगा राज; हर बिंदु पर होगी तहकीकात, खुलेंगी परतें

Mahakal Incident: गर्भगृह में कैसे लगी आग? जांच रिपोर्ट से खुलेगा राज; हर बिंदु पर होगी तहकीकात, खुलेंगी परतें

0
Mahakal Incident: गर्भगृह में कैसे लगी आग? जांच रिपोर्ट से खुलेगा राज; हर बिंदु पर होगी तहकीकात, खुलेंगी परतें

[ad_1]

Ujjain Mahakal Temple Fire Accident During Holi Celebration Bhasma Aarti Investigation Report

उज्जैन महाकाल के गर्भगृह में लगी आग पर सवाल
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


महाकालेश्वर मंदिर में होली पर्व पर भस्मआरती के दौरान भड़की आग की घटना के बाद सभी पुजारी और सेवकों को तुरंत जिला अस्पताल और गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया था, जहां उनका उपचार जारी है। बाबा महाकाल के गर्भगृह में हुई इस घटना के बाद सोमवार को पूरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तक इस घटना को लेकर चिंतित नजर आए और इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच किए जाने के निर्देश दिए, साथ ही यह भी बताया गया कि तीन दिनों में कमेटी इस जांच को पूरा करें और जो भी दोषी हो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। 

महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में होली पर्व पर घटित हुई आगजनी की घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो चुकी है। इस घटना की जांच कर रहे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना और अपर कलेक्टर उज्जैन अनुकूल जैन अभी तो कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन जांच के दौरान उन्हें कई ऐसी जानकारियां मिल रही है जिससे कि तीन दिन बाद जब वे इस रिपोर्ट को सौंपेंगे तो बाबा महाकाल के गर्भगृह में लगी आग का राज जरूर फाश हो जाएगा।

सोर्स बताते हैं कि जांच के दौरान अधिकारियों को गर्भगृह में आग लगने की अलग-अलग जानकारी मिल रही है। कोई बता रहा है कि आग गुलाल फेंके जाने से लगी तो किसी का कहना है कि घटना के समय रंग गुलाल के स्प्रे भी चलाए गए थे, जिसके कारण भी आग अचानक भड़की और कुछ ही सेकंड में 14 पुजारी और सेवक इस आगजनी में झुलस गए। वहीं बताया यह भी जाता है कि गर्भगृह में आगजनी से सबसे पहले फ्लेक्स जलने की बात सामने आई थी, लेकिन इस दौरान यहां कुछ पर्दे भी लगे हुए थे, जिन्होंने सबसे पहले आग पकड़ी थी। यह जानकारियां जांच अधिकारियों को मिल तो रही है, लेकिन इन बातों में कितनी सत्यता है यह तो अधिकारी जांच के बाद पेश की जाने वाली रिपोर्ट में ही बताएंगे। 

जांच करने आती है जीएसआई और एएसआई की टीम

याद रहे कि बाबा महाकाल के शिवलिंग का शरण ना हो इसके लिए सारिका गुरु द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी जिसके बाद प्रतिवर्ष महाकालेश्वर मंदिर में जांच करने जीएसआई और एएसआई कि टीम पहुंचती है जोकि बाबा महाकाल को अर्पित की जाने वाली सामग्री के साथ ही उन्हें चढ़ाए जाने वाले जल पंचामृत और अन्य सामग्री की शुद्धता को देखती है। याद रहे की कुछ वर्षों पूर्व इस टीम के द्वारा ही होली पर्व पर बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल लगाए जाने की बात कही गई थी और मंदिर में बाबा महाकाल को यही अर्पित भी किया जाता था, लेकिन इस वर्ष इस आगजनी की घटना ने यह पोल खोल दी की श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के जिम्मेदार जो बता रहे थे उनकी बातों में इतनी सत्यता नहीं थी। क्योंकि मंदिर तो ठीक गर्भगृह में भी हर्बल गुलाल की बजाय केमिकल युक्त गुलाल और स्प्रे चलाए जा रहे थे। 

इन अनसुलझे सवालों का जवाब खोजेगी टीम

मजिस्ट्रेट जांच कमेटी के अधिकारी महाकाल मंदिर में जांच कर रहे हैं, जिन्हें इस आगजनी की घटना के वास्तविक कारण को पता करने के साथ ही कुछ ऐसे अनसुलझे सवालों के जवाब भी खोजना है, जिनका जवाब जिम्मेदार देने को तैयार नहीं है। अमर उजाला द्वारा  की गई पड़ताल में कुछ ऐसे ही सवाल सामने आए जिनके प्रश्नों के जवाब यदि कमेटी ढूंढ लेगी तो उन्हें इस आगजनी के दोषी का पता चल पाएगा। 

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here