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पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद मलारी से नीती तक सड़क मार्ग बंद होने के बाद श्रदालु दर्शन के लिए नहीं पहुंच पा रहे थे। जैसे ही बीआरओ ने सड़क मार्ग से बर्फ हटाकर मार्ग सुचारू किया तो भक्त भी पहुंचने लगे।
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स्थानीय निवासी अशोक सकलानी, मनाेज सेमवाल, पूजा देवी व पूनम का कहना है कि यहां बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन हो रहे हैं। मंदिर जाने वाले पैदल मार्ग पर अभी भी आधा फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है।
बता दें कि जोशीमठ-मलारी हाईवे पर नीती गांव के समीप तीन किलोमीटर की पैदल दूरी पर टिम्मरसैंण गुफा स्थित है और यहां दिसंबर से मार्च माह तक गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन होते हैं। यहां बाबा बर्फानी शिवलिंग के आकार में उभरते हैं।
जोशीमठ-मलारी हाईवे तक वाहन से पहुंचा जा सकता है। यहां से तीन किमी पैदल यात्रा कर टिम्मरसैंण गुफा तक पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन होते हैं। बाबा बर्फानी के दर्शनों के साथ यहां की प्राकृतिक सुंदरता भी मनमोहक है।
लोग इसे कुदरत का करिश्मा ही मानते हैं कि सर्दियों में भारी बर्फबारी के बाद यहां पहाड़ी से टपकने वाला पानी बर्फ बनकर शिवलिंग का आकार ले लेता है। कहा जाता है कि बर्फबारी ठीक हो तो शिवलिंग की ऊंचाई तकरीबन पांच फुट तक पहुंच जाती है। बर्फ का शिवलिंग अप्रैल तक रहता है।
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