[ad_1]

typhoid
– फोटो : istock
विस्तार
कोरोना वायरस की तरह टायफाइड का बैक्टीरिया भी देश में एक से दूसरे शहर पहुंच रहा है। जिन स्थानों पर यह बैक्टीरिया सबसे ज्यादा आक्रामक होता है, उसके आसपास पांच किमी तक आबादी को अपनी चपेट में ले सकता है।
यह खुलासा भारत और अमेरिका के 32 वैज्ञानिकों की टीम ने किया है, जिन्होंने भारत में साल्मोनेला टायफी बैक्टीरिया के लगातार बढ़ते प्रसार के पीछे मुख्य कारणों की खोज की। अमेरिकन सोसायटी ऑफ माइक्रोबायोलॉजी के मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने कहा है कि भारत में टायफाइड बैक्टीरिया शहरों के बीच प्रवाहित हो रहा है। साथ ही इसके स्थानीय समूहों में फैलने के साक्ष्य सामने आए हैं।
आंत और रक्त को करता है संक्रमित
दरअसल, साल्मोनेला टायफी ( एस. टायफी) ऐसा बैक्टीरिया है जो आंत और रक्त को संक्रमित करता है। इस बीमारी को टायफाइड बुखार कहा जाता है। एस. पैराटाइफी ए, बी और सी बैक्टीरिया एक समान बीमारी का कारण बनते हैं। भारत उन देशों में से एक है जहां टायफाइड होना सबसे आम बात है। अनुमानित तौर पर हर साल एक से दो करोड़ लोग टायफाइड से प्रभावित हो रहे हैं और 1.2 लाख से 1.6 लाख की मौत हो रही है।
[ad_2]
Source link