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Prachi Desai Interview: ‘साइलेंस 2’ की संजना कैसे चुनती हैं किरदार, करियर की शुरुआत में मना किए कई मुश्किल रोल

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Prachi Desai Interview: ‘साइलेंस 2’ की संजना कैसे चुनती हैं किरदार, करियर की शुरुआत में मना किए कई मुश्किल रोल

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बॉलीवुड अभिनेत्री प्राची देसाई और मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘साइलेंस 2: द नाइट आउल बार शूटआउट’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। दर्शकों का इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। वहीं, दोनों सितारे इन दिनों फिल्म के प्रचार में जुटे हुए हैं। इस फिल्म का प्रीमियर 16 अप्रैल को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर होगा। फिल्म की रिलीज से पहले प्राची और मनोज ने अमर उजाला के खास कार्यक्रम शुक्ल पक्ष में बातचीत की। इस दौरान प्राची ने अपने किरदार के चुनाव को लेकर बात की।




अपने किरदार कैसे चुनती हैं प्राची

प्राची देसाई ने ‘साइलेंस 2: द नाइट आउल बार शूटआउट’ में इंस्पेक्टर संजना का किरदार निभाया है। फिल्म में मनोज और प्राची का कोई लव एंगल नहीं दिखाया गया है। उन्होंने फिल्म में मजबूत महिला का किरदार निभाया है। प्राची ने इसपर बात करते हुए बताया कि बचपन से मैंने अपनी मां और दादी को देखा है, वो एक टीचर थीं, शायद उसी का एक रिफ्लेक्शन है, जो मैं ये किरदार चुन पा रही हूं। मुझे लगता है कि किरदार अगर थोड़ा अलग हो, तो मुझे अट्रैक्ट करता है, यही संजना के रोल के साथ हुआ। 

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ऑडियन्स बनाए रखने के लिए पंचलाइन कितनी जरूरी

फिल्म के पहले पार्ट में प्राची के कई जबर्दस्त सीन हैं। इस दौरान उनकी कुछ पंचलाइन भी हैं। सस्पेंस थ्रिलर फिल्म के बीच में लाइट मोमेंट लाने होते हैं। इन डायलॉग को बोलने में काफी प्रॉब्लम होती है। इसपर अभिनेत्री ने कहा कि एक्सपीरियंस कहता है, हमने बड़े होते हुए जो फिल्में देखीं, उनकी कुछ-कुछ लाइनें हमेशा याद रहती हैं, जैसे ‘अंदाज अपना-अपना’ हो या बहुत सी ऐसी फिल्में हैं। ‘दिल चाहता है’ की कितनी सारी लाइनें हैं। वो मेरी एक फेवरेट फिल्म थी, तो ऑडियन्स को कनेक्ट करने के लिए ये बहुत जरूरी होती हैं। मेरे लिए जो इस फिल्म के किरदार हैं, वो मुझे आज भी याद हैं। उसका क्रेडिट उतना ही राइटर्स को जाता है। उन्हीं की वजह से ऑडियन्स के साथ कनेक्शन बन जाता है और वो कभी-कभी बस एक लाइन से होता है। 


कैसी होती है इंस्पेक्टर की रियल लाइफ

‘साइलेंस’ में हम इन्वेस्टिगेशन कर रहे थे। मगर एक सीन में उन्होंने हमें पर्सनल स्पेस में देखा कि ये हमेशा पुलिस स्टेशन में अटेंशन में थोड़े ही नहीं खड़े होते हैं, तो इनकी लाइफ में क्या होता है और इनका इक्वेशन क्या होता है। तो इन्वेस्टिगेशन कितना ही गंभीर हो, लेकिन रियल लाइफ में ही ऐसा ही होता है, जो इंसान मजाकिया है, जैसे साहिल हैं, वो रियल लाइफ में भी ऐसे ही हैं, जैसे सीन में हैं। वो कई बार मनोज सर को हंसा देते थे। 


करियर की शुरुआत में मना किए चुनौतीपूर्ण किरदार

टीवी शो ‘कसम से’ की बानी के किरदार से अपने करियर की शुरुआत करने वालीं प्राची देसाई ने अपने करियर में कई अलग-अलग किरदार निभाए हैं। उन्होंने बताया, करियर के बहुत शुरुआत में शायद कुछ रोल थे, जो मैं आईडेंटिफाई नहीं कर पाई थी कि कितना अच्छा होता, अगर ये रोल किया होता। मगर वो मैच्योरिटी और एक्सपीरियंस की भी बात है, तो तब ऐसा हुआ था। उसके बाद जैसे समझ आई तो कोशिश बस यही था कि खुद को इंटरेस्टिड कैसे रहें और ऑडियन्स को भी इंटरेस्टिड कैसे रखें। क्योंकि उस दौर में बात यही थी कि अगर आपको एक रोल में किसी ने पसंद किया था, तो वहीं ऑफर्स आपको आते थे। 

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