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मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान के भांजे इमरान खान की कैमरे के सामने वापसी की कोशिशों को करारा झटका लगा है। बीते एक साल से इमरान खान अपनी इस वेब सीरीज को लेकर मीडिया में हाइप बनाते रहे हैं लेकिन, ऐन मौके पर इस सीरीज को रद्द कर दिया गया है। अब इमरान खान के पास फिलहाल कोई प्रोजेक्ट नहीं है और वह खुद मानते हैं कि उनकी वापसी में अब काफी वक्त लग सकता है।
फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘जो जीता वही सिकंदर’ में बाल कलाकार के तौर पर नजर आए इमरान खान ने साल 2008 में निर्देशक अब्बास टायरवाला की फिल्म ‘जाने तू या जाने ना’ से बतौर हीरो बड़े परदे पर डेब्यू किया था। लेकिन, इमरान की अभिनय पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। इसके बाद लगातार फ्लॉप फिल्मों में दिखे इमरान की आखिरी फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ साल 2015 में रिलीज हुई थी और तब से वह अपना अधिकतर समय विदेश में ही बिताते रहे हैं। जन्म से अमेरिकी नागरिक इमरान बीते दो साल से ओटीटी पर कुछ करने की फिराक में रहे हैं।
निर्देशक अब्बास टायरवाला ने बीते साल इमरान खान को लेकर एक जासूसी सीरीज की योजना बनाई थी। एक नामचीन ओटीटी ने इसके लिए ग्रीन सिगनल भी दे दिया लेकिन इस साल की शुरुआत से ही इस सीरीज को लेकर नए सिरे से बातें शुरू हुईं। ओटीटी को लगा कि जिस तरह की भारतीय जासूसी सीरीज वे बनाना चाह रहे हैं, वैसा असर इमरान खान की सीरीज में दिख नहीं रहा। सीरीज का बजट भी इस योजना में अड़ंगा बना और आखिरकार ओटीटी ने इस सीरीज को रद्द करने का फैसला ले लिया है।
इमरान खान इस सीरीज के रद्द होने से मायूस तो हैं लेकिन उनका मानना यही है कि जो होता है अच्छे के लिए ही होता है। सीरीज को लेकर उनके सुर भी अब बदल गए हैं। इमरान कहते हैं, ‘हिंसक कहानियां मुझे वैसे भी पसंद नहीं रही हैं। हर विवाद का हल बंदूक नहीं हो सकती। बहुत ज्यादा हिंसा वाली कहानियां समाज के लिए भी अच्छी नहीं है। अगर हिंसक कृत्यों की परिणीति स्वाभाविक व प्राकृतिक न्याय के साथ नहीं होती है, तो ऐसी कहानियां कहना ठीक नहीं है।’
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