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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
– फोटो : एएनआई
विस्तार
भारत में मानवाधिकार उल्लंघन के कथित मामलों को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट पूर्वाग्रह से ग्रसित है। विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट भारत की सही तस्वीर पेश नहीं करती और वास्तविकता से कोसों दूर है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत ऐसी रिपोर्ट को महत्व नहीं देता, जिसमें भारत की सटीक तस्वीर पेश नहीं की गई हो। उन्होंने कहा कि सरकार की नजर में इसका कोई महत्व नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी इस रिपोर्ट को महत्व न देने का आग्रह किया।
बेहद पक्षपातपूर्ण है रिपोर्ट, भारत को बारे में खराब समझ; इसे महत्व देना जरूरी नहीं
बता दें कि अमेरिकी रिपोर्ट में मणिपुर में मई, 2023 में हुए जातीय संघर्ष के बाद मणिपुर में कथित मानवाधिकारों के हनन की घटनाओं का जिक्र किया गया है। इससे जुड़े एक सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, यह रिपोर्ट बेहद पक्षपातपूर्ण है और भारत के बारे में खराब समझ को दिखाती है।
#WATCH | On the US State Department report on Human Rights, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “This report is deeply biased and reflects a poor understanding of India. We attach no value to it and urge you to do the same.” pic.twitter.com/4XIHgnoswP
— ANI (@ANI) April 25, 2024
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