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गर्मी का ताप।
– फोटो : amarujala
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भारत के कई इलाके इन दिनों सूरज की ताप झेल रहे हैं। लोग गर्मी से बेहाल हैं। इस बीच आईआईटी भुवनेश्वर की एक रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरीकरण के कारण 140 से अधिक प्रमुख भारतीय शहर आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले रात में अधिक तपते हैं। रात में शहरी क्षेत्रों के तापमान में 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है।
यह शहर सबसे अधिक प्रभावित
कंक्रीट और डामर की सड़कें और फुटपाथ की सतहें दिन में गर्मी जमा करती हैं तो वहीं, शाम को वे गर्मी छोड़ती हैं। इससे रात में तापमान बढ़ जाता है। समय के साथ, यह गर्मी वर्षा और प्रदूषण सहित जलवायु के अन्य पहलुओं को प्रभावित करती है। शोध के अनुसार, रात में तापमान बढ़ने से अहमदाबाद, जयपुर और राजकोट सबसे अधिक प्रभावित हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर चौथे तो पुणे पांचवे स्थान पर हैं।
हर दशक में औसतन 0.26 डिग्री सेल्सियस गर्म
रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तर-पश्चिमी, उत्तरपूर्वी और दक्षिणी क्षेत्र के शहरों में अन्य क्षेत्रों के मुकाबले रात के तापमान में अधिक स्पष्ट वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट में शामिल सभी शहरों में रात के समय तापमान बढ़ रहा है। यह हर दशक में औसतन लगभग 0.53 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। रात के समय तापमान बढ़ना सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। अध्ययन की अवधि के दौरान भारत का अधिकांश हिस्सा हर दशक में औसतन 0.26 डिग्री सेल्सियस गर्म हुआ। रिपोर्ट में तापमान को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए अलग-अलग प्रयासों पर जोर डाला गया है।
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