Home World Mummy Facts: क्या होती है ममी? कैसे किया जाता था प्राचीन काल में शवो को संरक्षित, जानें 5 रोचक तथ्य

Mummy Facts: क्या होती है ममी? कैसे किया जाता था प्राचीन काल में शवो को संरक्षित, जानें 5 रोचक तथ्य

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Mummy Facts: क्या होती है ममी? कैसे किया जाता था प्राचीन काल में शवो को संरक्षित, जानें 5 रोचक तथ्य

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Mummy History and Facts: मेक्सिको में एक 19वीं सदी के ममी का हाट टूट जाना बड़ा विवाद बन गया है. मेक्सिको में गुआनाजुआटो के म्यूजियम में यह ममी रखी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेनोवेशन वर्क के दौरान इस ममी का हाट टूट गया. इस घटना ने अब मेक्सिको की फेडरल पुरातत्व एजेंसी और गुआनाजुआटो राज्य सरकार के बीच देश के ममीकृत शवों के रखरखाव को लेकर बड़े विवाद को जन्म दे दिया है. इस घटना से एक बता तो साबित होती है कि ममी को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.  आखिर ये ममी होती क्या हैं और इनका इतिहास क्या है. 

क्या है ममी?
ममी एक व्यक्ति या जानवर है जिसका शरीर मृत्यु के बाद जानबूझकर या दुर्घटनावश संरक्षित किया जाता है. कई बार कोई शव दुर्घटनावश अपने आप विभिन्न कारणों से भी संरक्षित हो सकता है.

कुछ विद्वान ममी शब्द का इस्तेमाल जानबूझकर रसायनों से संरक्षित किए गए शवों तक सीमित रखते हैं. गलती से सूख गए संरक्षित शवों के लिए इस शब्द का उपयोग 17वीं शताब्दी की शुरुआत में हुआ था.

दुनिया की कई सभ्याताओं से जुड़ी है ममी
विश्व की प्राचीन सभ्यताओँ में मृत्यु के बाद जीवन को लेकर पनपे विश्वासों की वजह से शरीर को संरक्षित किया जाता था.  ममी को विशेष रूप से मिस्र की प्राचीन सभ्यता से जोड़ा जाता है. हालांकि अमेरिका और एशिया के बहुत शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में कई प्राचीन संस्कृतियों में ममीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाती थी.

ममीकरण की प्रक्रिया
मिस्र में ममीकरण का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम आंतरिक अंगों को हटाना था. इसके बाद मसालों और ताड़ की शराब के मिश्रण से शरीर को धोकर अपघटन की प्रक्रिया को रोकना था.

शरीर में केवल दिल को रहने दिया जाता था क्योंकि परंपरा के अनुसार हृदय विचार और भावना का केंद्र था और इसलिए मृत्यु के बाद भी इसकी जरूरी होगी.

सफाई के बाद, शरीर को सुखाया जाता था. आंतरिक अंगों को भी सुखाया जाता था. उन्हें या तो अलग-अलग जार में सील कर दिया जाता था  या शरीर के साथ लपेटा जाता था.

निर्जलीकरण के बाद, ममी को लिनन के कपड़े की कई परतों में लपेटा जाता था. परतों के भीतर, मिस्र के पुजारी मृतक को बुराई से बचाने के लिए छोटे ताबीज रखते थे. जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाती थी तो ममी को नमी वाली हवा से दूर रखने के लिए राल में लेपित किया जाता था. इसे सील करने के लिए ताबूत पर भी राल लगाया जाता था.

इसके बाद ममी को उसके मकबरे के भीतर सील कर दिया जाता था साथ ही सांसारिक सामान भी, जिनके बारे में माना जाता था कि वे परलोक में उसकी मदद करेंगे रख दिए जाते थे.

मिस्र में दस लाख जानवरों की ममी
मनुष्य की तरह ही जानवरों की ममी भी खोजकर्ताओं को मिली हैं. मिस्र में दस लाख से अधिक जानवरों की ममियां पाई गई हैं, जिनमें से कई बिल्लियां हैं.

सबसे पुरानी ममी
उत्तरी अमेरिका में नेवादा के फॉलन की स्पिरिट गुफा की ममियों की आयु 9,400 वर्ष से भी अधिक मानी जाती है. इस खोज से पहले, सबसे पुरानी ज्ञात ममी एक बच्चे की थी, जो चिली के कैमरोन्स घाटी में पाई गई चिंचोरो ममियों में से एक थी. यह लगभग 5050 ईसा पूर्व की थी.

सबसे पुराना ज्ञात प्राकृतिक रूप से ममीकृत मानव शव एक कटा हुआ सिर है जो 6,000 वर्ष पुराना बताया गया है. यह 1936 ई. में दक्षिण अमेरिका में इंका कुएवा नंबर 4 नामक स्थान पर पाया गया था.

ममी के अध्ययन में बढ़ती रूचि
हालांकि ममियों के बारे में जानने की रूचि बहुत पुरानी है लेकिन वैज्ञानिक अध्ययन 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में शुरू हुए. ममियों की पहली आधुनिक वैज्ञानिक जांच 1901 में शुरू हुई. यह जांच मिस्र के काहिरा में अंग्रेजी भाषा के सरकारी स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसरों ने की थी.

किसी ममी का पहला एक्स-रे 1903 में आया था. प्रोफेसरों ग्राफ्टन इलियट स्मिथ और हॉवर्ड कार्टर ने थुटमोस IV के ममीकृत शरीर की जांच के लिए काहिरा में उस समय उपलब्ध एकमात्र एक्स-रे मशीन का इस्तेमाल किया था.

1992 में,  ममी स्टडी पर पहला विश्व सम्मेलन आयोजित किया गया था. ममियों पर लगभग 100 वर्षों के एकत्रित डेटा को साझा करने के लिए 300 से अधिक 

Photo Courtesy – Reuters

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