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Cars
– फोटो : istock
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भारत में वाहन निर्माताओं को अगले तीन वर्षों में अपने कार्बन उत्सर्जन को एक तिहाई कम करना होगा। नहीं तो उन्हें ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) द्वारा निर्धारित कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता मानदंड (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी नॉर्म्स) (CAFE) (कैफे) के तीसरे पुनरावृत्ति के तहत सख्त दंड का सामना करना पड़ेगा। भारत की ऊर्जा दक्षता और संरक्षण एजेंसी के इस नए कदम से कारें महंगी होने की संभावना है। जो अप्रैल 2020 में भारत स्टेज VI उत्सर्जन मानदंडों पर जाने के बाद से 30 प्रतिशत की मूल्य बढ़ोतरी में शामिल हो जाएगा।
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