[ad_1]

सूरज रेवन्ना
– फोटो : ani
विस्तार
यौन शोषण मामले में फंसे प्रज्ज्वल रेवन्ना के भाई और जनता दल सेक्युलर (जेडी-एस) नेता सूरज रेवन्ना की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। दरअसल बंगलूरू की एक अदालत ने सूरज को 1 जुलाई तक आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि सूरज रेवन्ना पर जेडी-एस के पुरुष कार्यकर्ता के यौन शोषण का आरोप है। उन्हें 23 जून को गिरफ्तार किया गया था। सीआईडी ने अदालत से सूरज की रिमांड बढ़ाने का अनुरोध किया था।
कुछ दिन पहले एक पार्टी कार्यकर्ता का कथित यौन शोषण करने के आरोप में सूरज रेवन्ना पर शनिवार को मामला दर्ज किया गया। इस मामले में सूरज के खिलाफ ‘अप्राकृतिक अपराध’ सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर कहा था, ‘शिकायत आई है, इसके आधार पर कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई की जानी है, वह की जा रही है। इसके अलावा मुझे किसी राजनीतिक साजिश के बारे में पता नहीं है।’
पार्टी कार्यकर्ता के यौन शोषण का आरोप
गौरतलब है कि 27 वर्षीय एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत की थी कि होलेनरसिपुरा के विधायक एच डी रेवन्ना के सबसे बड़े बेटे सूरज रेवन्ना ने 16 जून को घन्नीकाड़ा स्थित अपने फार्महाउस में उसका यौन शोषण किया। शिकायत के आधार पर होलेनरसिपुरा पुलिस ने शनिवार देर शाम जेडीएस एमएलसी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के भतीजे सूरज रेवन्ना (37) ने आरोपों का खंडन किया है। सूरज ने यह भी आरोप लगाया था कि व्यक्ति ने उनसे 5 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के लिए उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस ने सूरज रेवन्ना के करीबी सहयोगी शिवकुमार की शिकायत पर जेडीएस कार्यकर्ता के खिलाफ भी जबरन वसूली का मामला दर्ज किया। शिवकुमार ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ता सूरज रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न का झूठा मामला दर्ज करने की धमकी देकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा है।
[ad_2]
Source link