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एल्विश यादव
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 विजेता एल्विश यादव सांप के जहर मामले में गिरफ्तार होने के बाद फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 17 मार्च को नोएडा पुलिस ने पकड़ लिया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एल्विश पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 लगाया गया था, जिसे अब हटा दिया गया है।
एल्विश को मिली बड़ी राहत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि एनडीपीएस अधिनियम गलती से एल्विश पर लगाया गया था। पुलिस ने माना है कि उनसे बड़ी गलती गई है और ये धाराएं भूलवश लगा दी गई थीं। बता दें कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जमानत पाना मुश्किल है। इससे पहले यह भी खबर आई थी कि दोषी पाए जाने पर एल्विश को 20 साल तक की जेल हो सकती है।
पुलिस ने स्वीकार की अपनी गलती
एनडीपीएस एक्ट हटने से अब यूट्यूबर की जमानत का रास्ता कहीं अधिक सरल हो गया है। पुलिस ने अपनी बात साफ करते हुए कहा कि हमें एल्विश पर एनडीपीएस एक्ट का सेक्शन 22 लगाना था, लेकिन भूलवश उन पर सेक्शन 20 लगा दिया गया। एल्विश को उनकी जमानत की सुनवाई के लिए नोएडा की एक स्थानीय अदालत में ले जाया गया। हालांकि, मामले को लेकर कई सुनवाई नहीं हो सकी। खबरों की मानें तो स्थानीय बार एसोसिएशन की चल रही हड़ताल के कारण सुनवाई स्थगित करनी पड़ी
एल्विश को हाई-सिक्योरिटी बैरक में किया गया शिफ्ट
बता दें कि एल्विश को जेल के अंदर एक उच्च सुरक्षा वाले बैरक में रखा गया है। उन्हें जेल के अंदर क्वारंटाइन सेल में रखा गया था। हालांकि, कुछ दिन पहले उन्हें हाई-सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया गया था। कथित तौर पर इन बैरकों में हर समय ताला लगा रहता है और कैदियों को आपस में मिलने-जुलने की अनुमति नहीं है। बैरक के बाहर हमेशा दो पुलिसकर्मी और एक वार्डन तैनात रहते हैं।
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