Home Breaking News राउत का दावा: ‘सत्तापक्ष के MLA अयोग्य घोषित हो सकते हैं, इसलिए MLC चुनाव पर लगे रोक, जाएंगे सुप्रीम कोर्ट’

राउत का दावा: ‘सत्तापक्ष के MLA अयोग्य घोषित हो सकते हैं, इसलिए MLC चुनाव पर लगे रोक, जाएंगे सुप्रीम कोर्ट’

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राउत का दावा: ‘सत्तापक्ष के MLA अयोग्य घोषित हो सकते हैं, इसलिए MLC चुनाव पर लगे रोक, जाएंगे सुप्रीम कोर्ट’

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Will approach SC to seek stay on Council polls as MLAs face prospect of disqualification: Sanjay Raut

संजय राउत
– फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार


शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने गुरुवार कहा कि उनकी पार्टी आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों पर रोक लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दलों के जो विधायक  चुनाव में डालेंगे, उन्हें अयोग्य ठहराए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने अयोग्यता याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि सत्तारूढ़ शिवसेना और अजित पवार नीत राकांपा के विधायकों को अयोग्य ठहराया जा सकता है। 

उन्होंने कहा, ऐसी परिस्थितियों में जब विधायकों को अयोग्य ठहराया जा सकता है और मामले की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में चल रही है, तो यह असंवैधानिक होगा कि ये विधायक एमएलसी चुनें। उन्हें वोट देने का कोई अधिकार नहीं है। राउत ने कहा, हम सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह करेंगे कि यह चुनाव असंवैधानिक और अवैध हैं और चुनावों पर रोक लगाई जानी चाहिए।  

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि विधान परिषद की उन 11 सीट के लिए तब तक कोई चुनाव नहीं होना चाहिए, जब तक कि विधान परिषद के कुछ सदस्यों से जुड़ी अयोग्यता याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला नहीं आ जाता। विधान परिषद की 11 सीट के लिए 12 जुलाई को मतदान होना है। विधान परिषद सदस्यों का चुनाव राज्य विधानसभा में विधायक करेंगे। 

मुंबई स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अंतिम सूची में करीब 12 हजार मतदाताओं के नाम शामिल नहीं: परब

शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल परब ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी द्वारा नामांकित करीब 10,000 से 12,000 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग के कामकाज में सियासी दखल का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रतिद्वंद्वी पार्टियों द्वारा दर्ज किए गए नामों को सूची  में शामिल किया गया है। 

परब मुंबी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में हैं। इस सीट को अतीत में अविभाजित शिवसेना ने पांच बार जीता था। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 1,20,771 मतदात मतदान करने के पात्र हैं। मतदान 26 जून को होगा। परब ने कहा, हमारे द्वारा नामांकित करीब 10 हजार से 12 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। हमें शक है कि यह जानबूझकर किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और इस मामले को उठाएगी। 





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