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– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने कहा कि अब सरकारी स्कूलों में कक्षा नौंवी से 11वीं तक के विद्यार्थियों को वैदिक गणित यानि प्राचीन गणित पढ़ाया जाएगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 46 हजार वैदिक गणित की पुस्तकों का प्रकाशन कराया है।
इसके लिए हरियाणा सरकार ने शिक्षा बोर्ड को 18 लाख रुपये की ग्रांट भी दी थी। इतना ही नहीं वैदिक गणित पढ़ाई के लिए प्रदेश के 119 खंडों में प्रत्येक खंड के तीन स्कूलों का चयन किया गया है। हालांकि अभी शिक्षा बोर्ड के इस पाठ्यक्रम को हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशालय की मंजूरी नहीं मिली है, जबकि हरियाणा बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में इसे मंजूर किया जा चुका है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि वैदिक गणित से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर ढंग से तैयारी का मौका मिलेगा। हमारे पुराणों और वेदों में भी साइंस और गणना का अहम अंश है। वेदों के सूत्रों में साइंस और गणित उपयोगी है। वर्ष 1965 में इस पर एक किताब भी लिखी गई।
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चेयरमैन ने बताया कि पुस्तक में 16 सूत्र हैं, जिनके माध्यम से बच्चों की गणित की गणना और आंकड़ों के हिसाब-किताब करने में पकड़ काफी मजबूत हो जाएगी। इसके लिए बच्चों को कॉपी और पेन की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। वे ये हिसाब-किताब उंगलियों पर ही कर झट से उसका हल भी बता देंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड का ये ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग के समक्ष भेजा गया है। अगर वहां से मंजूरी मिलती है तो फिर इसको स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया जाएगा। बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि बच्चों को ये किताबें मुफ्त में दी जाएंगी। क्योंकि इन पुस्तकों के प्रकाशन के लिए हरियाणा सरकार ने 18 लाख रुपये की ग्रांट भी बोर्ड को दी है।
शिक्षा बोर्ड ने 46 हजार पुस्तकों का प्रकाशन करा दिया है। जबकि प्रदेश के 119 खंडों में प्रत्येक खंड के तीन स्कूलों के लिए 36 हजार पुस्तकों की आवश्यकता पड़ेगी। इसके बाद अन्य स्कूलों में भी इस पुस्तक को पढ़ाने के संबंध में विचार होगा। इस मौके पर बोर्ड सचिव कृष्ण कुमार व बोर्ड के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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