Home Breaking News आज का शब्द: बेबस और माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- सूझ, का साथी-मोम-दीप मेरा!

आज का शब्द: बेबस और माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- सूझ, का साथी-मोम-दीप मेरा!

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आज का शब्द: बेबस और माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- सूझ, का साथी-मोम-दीप मेरा!

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                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- बेबस, जिसका अर्थ है- जिसका वश न चले, विवश, लाचार, पराधीन, परवश। प्रस्तुत है माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- सूझ, का साथी-मोम-दीप मेरा!
                                                                                                
                                                     
                            

सूझ, का साथी-
मोम-दीप मेरा!

कितना बेबस है यह
जीवन का रस है यह
छनछन, पलपल, बलबल
छू रहा सवेरा,
अपना अस्तित्व भूल
सूरज को टेरा-
मोम-दीप मेरा!

कितना बेबस दीखा
इसने मिटना सीखा
रक्त-रक्त, बिन्दु-बिन्दु
झर रहा प्रकाश सिन्धु
कोटि-कोटि बना व्याप्त
छोटा सा घेरा!
मोम-दीप मेरा!

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2 hours ago

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