Home Breaking News Kedarnath Dham: भाई दूज पर ही क्यों बंद होते हैं केदारनाथ धाम के कपाट? महाभारत और पांडवों से जुड़ी है मान्यता

Kedarnath Dham: भाई दूज पर ही क्यों बंद होते हैं केदारनाथ धाम के कपाट? महाभारत और पांडवों से जुड़ी है मान्यता

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Kedarnath Dham: भाई दूज पर ही क्यों बंद होते हैं केदारनाथ धाम के कपाट? महाभारत और पांडवों से जुड़ी है मान्यता

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मान्यता है कि भाई दूज दिवाली का अंतिम पर्व है और इसके बाद ठंड भी बढ़ जाती है जिससे हिमालय क्षेत्र में रहना संभव नहीं है। इसलिए, भाई दूज पर केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। गुरुवार को कपाट बंद होने के बाद 29 अक्तूबर को डोली अपने शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी।

इससे पहले बुधवार को केदारनाथ में बाबा केदार की पंचमुखी भोगमूर्ति को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान कर भंडारगृह से मंदिर के सभामंडप में विराजमान किया गया। गुरुवार को तड़के चार बजे से मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग द्वारा केदारनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना शुरू होगी।

साथ ही स्वयंभू ज्योतिर्लिंग को समाधि रूप देते हुए भष्म से ढक दिया जाएगा। इस मौके पर बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति का श्रृंगार कर चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया जाएगा।

अन्य धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए प्रशासन व बीकेटीसी के अधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर के कपाट बंद कर चाभी एसडीएम ऊखीमठ को सौंप दी जाएगी। 



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